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दो दुल्हनों की जिंदगी को हमेशा के लिए काला कर गया ‘काला महीना’

Sun, 04 Sep 2016 06:40 PM IST
रक्षपाल धीमान/अमर उजाला, नगरोटा सूरियां (कांगड़ा)
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हिमाचल के चंबा में हुआ दर्दनाक हादसा कई परिवारों को गहरे जख्म दे गया। हादसे में मारे गए बासा गांव के जसवंत पुत्र चैन सिंह और अमनीश पुत्र सुशील को क्या पता था कि चंबा के जोत में आल्टो से उतर कर वे जिस टाटा सूमो में बैठने जा रहे हैं, वह कुछ ही दूरी पर उन्हें मौत के मुंह में ले जाएगी।
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नगरोटा सूरियां की बासा और अमलेला पंचायत के गांव जरपाल के 15 युवकों में एक युवक पनाल्थ का रहने वाला था। इन्होंने मणिमहेश जाने का कार्यक्रम बनाया और 2 सितंबर को आल्टो और टाटा सूमो में सवार होकर यात्रा पर निकल गए।

चंबा के जोत में पहुंच कर सभी ने अपने-अपने मोबाइल से सेल्फियां लीं। जब चलने लगे तो उन्होंने सलाह की कि बासा के युवक टाटा सूमो में बैठें और जारपाल के युवक आल्टो में बैठें। मृतक जसवंत और अमनीश पहले आल्टो में बैठे थे और उतरकर टाटा सूमो में बैठ गए।
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जिस गाड़ी में बैठे वही खाई में जा गिरी

जोत से अभी थोड़ी ही दूर पहुंचे थे कि टाटा सूमो बस को पास देते समय पलट कर गहरी खाई में गिर गई। इससे 10 में से छह युवाओं की मौत हो गई। इनमें जसवंत और अमनीश सहित पांच बासा गांव के और एक पनाल्थ गांव का था।

छह में से दो शादीशुदा थे और चार अभी कुंवारे ही थे। शादीशुदा युवाओं में शमशेर सिंह धीमान की शादी बैजनाथ की रुचि के साथ 25 अप्रैल को हुई थी और उसके हाथों की मेहंदी भी अभी सूखी नहीं थी कि सुहाग उजड़ गया।

जबकि अनिल की शादी नौ महीने पहले दिसंबर में हरिपुर की ज्योति के साथ हुई थी। हिमाचली रिवाज के तहत आजकल काला महीना चल रहा है और नई नवेली दुल्हन शादी के बाद पहले साल काला माह मायके में काटती हैं, लेकिन रुचि और ज्योति दोनों के लिए काला महीना जिंदगी को ही काला कर गया।
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