हिमाचल के चंबा में हुआ दर्दनाक हादसा कई परिवारों को गहरे जख्म दे गया। हादसे में मारे गए बासा गांव के जसवंत पुत्र चैन सिंह और अमनीश पुत्र सुशील को क्या पता था कि चंबा के जोत में आल्टो से उतर कर वे जिस टाटा सूमो में बैठने जा रहे हैं, वह कुछ ही दूरी पर उन्हें मौत के मुंह में ले जाएगी।
नगरोटा सूरियां की बासा और अमलेला पंचायत के गांव जरपाल के 15 युवकों में एक युवक पनाल्थ का रहने वाला था। इन्होंने मणिमहेश जाने का कार्यक्रम बनाया और 2 सितंबर को आल्टो और टाटा सूमो में सवार होकर यात्रा पर निकल गए।
चंबा के जोत में पहुंच कर सभी ने अपने-अपने मोबाइल से सेल्फियां लीं। जब चलने लगे तो उन्होंने सलाह की कि बासा के युवक टाटा सूमो में बैठें और जारपाल के युवक आल्टो में बैठें। मृतक जसवंत और अमनीश पहले आल्टो में बैठे थे और उतरकर टाटा सूमो में बैठ गए।