कुमारसैन बस हादसे में घायल दो और लोगों की मौत हो गई है। अब तक हादसे में पांच लोगों की मौत हो चुकी है। भारत भूषण पुत्र यज्ञा दत्त निवासी शिंगला, रामपुर और पंकज पुत्र मुन्नी लाल निवासी डमारी, कुमारसैन की रविवार को आईजीएमसी में उपचार के दौरान मौत हुई।
हादसे में 16 घायल हो गए हैं। इनमें एचआरटीसी बस का चालक, परिचालक भी शामिल हैं। हादसा शनिवार शाम शरंबल कैंप के पास गेनघाट में हुआ। बिलासपुर डिपो की बस ज्यूरी से धर्मशाला जा रही थी। बताया जा रहा है कि एक वैन गलत दिशा से आ रही थी।
वैन की बस से टक्कर हो गई। इससे चालक के बस से नियंत्रण खो दिया और बस खाई में लुढ़क गई। वैन चालक संतोष कुमार पुत्र लारजु गांव गोलाट, तांदी (आनी) भी घायल हो गया है। उसका उपचार आईजीएमसी में चल रहा है।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन, एसएसबी जवान और स्थानीय जनता घटनास्थल की ओर दौड़े। उन्होंने घायलों और मृतकों को बाहर निकाला। अंधेरा होने के कारण बचाव कार्य में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
हादसे में होशियार सिंह (28) निवासी खालडू, पालमपुर, देश राज शर्मा पुत्र भोलादत्त निवासी शिमला और अजय कुमार पुत्र लेख राज गांव कटियारा, सुन्नी की मौके पर ही मौत हो गई।
उधर डीएसपी रामपुर देव कुमार नेगी ने बताया कि पुलिस ने वैन के चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज कर लिया है। उन्होंने कहा कि हादसे में पांच लोगों की मौत हो चुकी है। घायलों का उपचार आईजीएमसी में चल रहा है। कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
आईजीएमसी में ही हो पाई घायल आनंद की पहचान
कुमारसैन बस हादसा इतना भयानक था कि कुछ लोगों को पहचानना तक मुश्किल हो गया। घायल घानवी के रहने वाले तीस वर्षीय आनंद की पहचान नहीं हो पा रही थी। कपड़े पूरी तरह से फट गए थे। जेब में कोई पहचान पत्र भी नहीं मिला। आनंद बोल नहीं पा रहा था। आक्सीजन लगी थी।
इससे घायल की पहचान करना बेहद कठिन था। मरीज के इलाज संबंधी दवाइयां व ब्लड बैंक से ब्लड लाने के लिए कोई परिजन अस्पताल में मौजूद नहीं था। हादसे की सूचना मिलने के बाद दूर का परिजन अरविंद इस मरीज के लिए भगवान बनकर आया।
अरविंद ने आईजीएमसी पहुंचकर घायल की पहचान की। उसके बाद इलाज के लिए भी उसने भागदौड़ की। उसे इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया है। आईजीएमसी के चिकित्सा उप अधीक्षक डॉ. राहुल रॉव ने बताया कि हादसे के बाद पंद्रह में से तेरह घायलों का अस्पताल में उपचार चल रहा है।
अस्पताल में दो की मौत हुई है। दूसरी ओर बस हादसे में घायल सभी तेरह मरीजों का कुशलक्षेम पूछने के लिए उपायुक्त रोहन चंद ठाकुर भी आईजीएमसी पहुंचे। उन्होंने घायलों का कुशलक्षेम पूछा।
आईजीएमसी के इन वार्डों में भर्ती हैं घायल
रत्न (47) न्यूरो सर्जरी, विकास (35) इमरजेंसी विभाग, आनंद (30)आर्थो, शशि कुमार (50), इमरजेंसी विभाग, सतपाल (38) इमरजेंसी विभाग, कुलदीप (32) इमरजेंसी विभाग, राजीव (46) इमरजेेंसी विभाग, शशि (17), थालेंद्र (25) न्यूरो सर्जरी, दीपक (38) वार्ड में दाखिल, भूपेंद्र (43) इमरजेंसी ट्रामा वार्ड, नेहा (26), कृष्णकांत (21) आर्थो वार्ड में दाखिल है।
पांच घरों के बुझ गए चिराग
कुमारसैन बस हादसे ने पांच घरों के चिराग बुझा दिए। हादसा पांचों परिवारों को कभी नहीं भरने वाला जख्म दे गया। कुमारसैन बस हादसे में मारे गए अभागों ने यह नहीं सोचा था कि यह सफर उनका आखिरी होगा। बस में सवार सभी लोग निकले तो थे अपनी-अपनी मंजिलों की तरफ, पर रास्ते में मौत उनका इंतजार कर रही थी। वैन चालक की लापरवाही उनकी जिंदगी को लील गई। स्थानीय लोगों, एसएसबी व पुलिस जवानों और प्रशासन की मुस्तैदी से बस हादसे में कई घायलों की जान बचा ली गई। अगर समय रहते राहत और बचाव कार्य शुरू नहीं होता तो कई जानें और जा सकती थीं। एसएसबी के जवान हमेशा कुमारसैन क्षेत्र में किसी भी आपदा के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। एसएसबी की ओर से बस हादसे में युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य किया गया।