पिन पर्वती नदी में डूबने से दो आईटीआई प्रशिक्षुओं की माैत
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लारजी के पास पिन पार्वती नदी में डूबने से लापता दोनों आईटीआई प्रशिक्षुओं के शव शुक्रवार सुबह 7:00 बजे बरामद किए गए। प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में एसडीआरएफ और सुंदरनगर से आई गोताखोरों की टीम ने 10 मिनट में दोनों प्रशिक्षुओं के शव पार्वती नदी में बने गहरे तालाब से निकाले। इसके बाद पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए बंजार भेजा। दोपहर बाद पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।
दोनों प्रशिक्षु मंडी के बालीचौकी क्षेत्र के रहने वाले थे। इनकी पहचान धर्मेंद्र (18) पुत्र गीतानंद निवासी मुराह डाकघर गुराण तहसील बालीचौकी और घनश्याम सिंह (18) पुत्र दयाराम निवासी काहरा डाकघर खलवान तहसील बालीचौकी, जिला मंडी के रूप में हुई है। दोनों आईटीआई थलौट में पढ़ाई करते थे। घटना वीरवार दोपहर बाद करीब 1:00 बजे की है। छात्रों की तलाश के लिए प्रशासन का अभियान बीती रात 10:00 बजे तक जारी रहा, मगर सफलता नहीं मिली। शुक्रवार सुबह सुंदरनगर से गोताखोरों और एसडीआरएफ की टीम लारजी के बिहाली पहुंची। गोताखोर नदी में बने तालाब में गए और दस मिनट के भीतर ही दोनों प्रशिक्षुओं के शव निकाल लिए। दोनों छात्र लारजी स्थित बिजली बोर्ड में इंटर्नशिप के लिए आए थे।
लारजी पंचायत के प्रधान गुड्डू राम ठाकुर और अग्निशमन विभाग लारजी के प्रभारी शेर सिंह नेगी ने कहा कि गोताखोरों और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम ने पार्वती नदी में डूबे दोनों प्रशिक्षुओं के शव बरामद किए। डीएसपी शेर सिंह ने कहा कि शव परिजनों को सौंप दिए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।