इसे तैयार करने में करीब 18 महीने लगेंगे। यानी, इसे अगले साल के अंत तक तैयार कर लिया जाएगा। कांगड़ा के गगल में आईटी विभाग के पास करीब 27 बीघा जमीन है। यह भी एसटीपीआई को दी जा रही है।
यहां आईटी पार्क बनाने का मसौदा आगामी कैबिनेट बैठक में जाएगा। उसके बाद इसे भारत सरकार के सॉफ्टवेयर टेकभनालॉजी पार्क ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के पास भेजा जाएगा। यहां मोहाली पार्क की तरह पास में एयरपोर्ट भी है।
इसे हूबहू मोहाली पार्क की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने कहा कि वाकनाघाट में आईटी विभाग के पास विभाग की 322 बीघा जमीन पड़ी है।
यहां गूगल, एमेजॉन जैसी कंपनियों को डाटा बैंक बनाने के विभाग जमीन देने का ऑफर दे सकता है। कहा कि कोल्ड एरिया में आईटी डाटा बैंक बनाने से कंपनियोें का कूलिंग वगैरह में बिजली और अन्य तरह का कम खर्च आएगा।