फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sirmour News: पांवटा के सिंबलवाड़ा राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में पकड़े दो शिकारी

Thu, 11 May 2023 07:50 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, पांवटा साहिब (सिरमौर)

सार

पांवटा साहिब के कर्नल शेरजंग नेशनल पार्क सिंबलबाड़ा तैनात कर्मियों की टीम ने रात्रि गश्त के दौरान दो शिकारियों को पकड़ा गया है। दोनों ने मौके से भागने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें दबोच लिया गया। 
विज्ञापन
पांवटा में शिकारी पकड़े(सांकेतिक) - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल-हरियाणा सीमा के साथ लगते पांवटा साहिब के कर्नल शेरजंग नेशनल पार्क सिंबलबाड़ा तैनात कर्मियों की टीम ने रात्रि गश्त के दौरान दो शिकारियों को पकड़ा गया है। दोनों ने मौके से भागने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें दबोच लिया गया। इनके पास से बारूद से भरी बंदूक भी बरामद की गई है। इसके बाद पुलिस थाना पांवटा में इनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। वर्ष 1958 में सिंबलबाड़ा वाइल्ड लाइफ सेंक्चुरी अस्तित्व में आई थी। इसका बाद में नाम कर्नल शेरजंग नेशनल पार्क हो गया। उद्यान में विभिन्न वन्य जीवों के चलते शिकारियों पर नजर रखी जाती है। नेशनल पार्क में कार्यरत कर्मचारियों ने दो लोगों को संदिग्ध रूप से क्षेत्र में देखा। उद्यान के कर्मचारियों को देखकर शिकारियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने बहराल क्षेत्र निवासी राजू और काका को पकड़ लिया। इनके पास एक बंदूक भी बरामद की गई है। डीएसपी पांवटा साहिब मानवेंद्र ठाकुर ने कहा कि मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों के खिलाफ जांच की जा रही है।

विज्ञापन


पुलिस थाना में मामला दर्ज करवा दिया गया है : डीएफओ
डीएफओ वन्य जीव शिमला रवि शंकर ने कहा कि सिंबलवाड़ा राष्ट्रीय उद्यान निरंतर रात्रि पेट्रोलिंग की जाती है। पकड़े गए दोनों शिकारियों के खिलाफ पुलिस थाना में मामला दर्ज करवा दिया गया है। इस तरह के कार्य करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। डीएफओ पांवटा और स्थानीय लोगों से भी सहयोग व समन्वय स्थापित किया जाता रहा है।

राष्ट्रीय उद्यान में दुर्लभ किस्म के वन्य जीव
हिमाचल प्रदेश के सिंबलवाड़ा राष्ट्रीय उद्यान वन संरक्षित इलाका 2788 हेक्टेयर में फैला हुआ है। इसकी सीमा पड़ोसी राज्य हरियाणा के साथ लगती है। उद्यान में चीतल, तेंदूआ, मोर, कोबरा समेत दुर्लभ किस्म के सांप, सांभर, घोरल रेड, जंगली सुअर, ऊल्लू, दो किस्म के होर्न विल समेत दर्जनों किस्मों के वन्य जीव पाए जाते है। जिनकी सुरक्षा को राष्ट्रीय उद्यान में तैनात कर्मचारी रात्रि गश्त समेत चौकस नजर रखते है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें