लोकसभा और विधानसभा की छह सीटों के एक जून को होने वाले उपचुनाव के लिए हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के ढाई सौ से अधिक कर्मचारियों की ड्यूटी लगी है। 27 मई को कर्मचारी ड्यूटी के लिए रवाना हो गए हैं। विवि की शाखाओं में अब नाममात्र कर्मचारी रह गए हैं। चुनाव ड्यूटी पर भेजे विवि के इन कर्मचारियों की तीन जून को ही विवि में अपनी-अपनी शाखाओं में वापसी होगी। इससे विवि का रूटीन का कामकाज प्रभावित होना तय है। इसमें पीजी की प्रवेश परीक्षाओं के परिणाम घोषित करने में भी देरी हो सकती है।
कर्मचारियों के जाने का असर विवि की इन दिनों चल रही पीजी प्रवेश परीक्षाओं की प्रक्रिया, पांच जून से शुरू हो रही पीजी की सेमेस्टर परीक्षाओं की तैयारियों पर पड़ेगा। विवि में पहले से गैर शिक्षक कर्मचारियों के पद रिक्त चल रहे हैं। इससे सबसे अधिक परेशानी चंबा, लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कांगड़ा, मंडी जिले के दुर्गम क्षेत्रों से यूजी और पीजी परीक्षाओं, परिणाम, डिग्री, अंक तालिका आदि लेने लिए आने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों को हो सकती है। विवि प्रशासन ने एक जून को चुनाव के बाद सोमवार तीन जून तक स्टाफ के लौटने के बाद ही लोगों को काम के लिए विवि आने की अपील की है।
विवि के कुलसचिव डॉ. वीरेंद्र शर्मा की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा है कि तीन जून तक सिर्फ अति आवश्यक, समय सीमा में निपटाए जाने वाले कार्यों को लेकर ही विवि आएं। शाखाओं में स्टाफ की कमी होने से अधिक संख्या में लोगों के काम से आने पर उनके कार्य को जल्द निपटाना संभव नहीं होगा।
परीक्षा शाखाओं का भी काम होगा प्रभावित
स्नातक डिग्री कोर्स की 22 मई को समाप्त हो चुकी परीक्षाओं के बाद उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कर अवार्ड विवि को आना शुरू हो जाएंगे। इन अवार्ड की एंट्री और परिणाम तैयार करने का कार्य भी प्रभावित हो सकता है। प्रदेश के करीब 80 हजार विद्यार्थियों ने यह परीक्षाएं दी हैं। इनमें अंतिम वर्ष के करीब 35 हजार विद्यार्थियों को अपने यूजी के परिणाम के आने का इंतजार रहेगा हैं।