नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा की अगुवाई में तकनीकी कमेटी ने किया भवनों का निरीक्षण
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तकनीकी टीम ने किया सात भवनों का निरीक्षण अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के मालरोड स्थित दो नामी होटलों के पुराने भवनों समेत दो रिहायशी मकानों को नगर निगम ने अनसेफ घोषित कर दिया है। यह सभी भवन जर्जर हालत में हैं और इनमें रहना अब सुरक्षित नहीं है। निगम की तकनीकी टीम ने निरीक्षण के बाद इन्हें अनसेफ घोषित किया है।
नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा की अगुवाई में मंगलवार को तकनीकी टीम ने शहर में स्थित पुराने भवनों का निरीक्षण किया। इनमें मालरोड के दो नामी होटलों के पुराने भवन भी शामिल हैं। मालरोड पर होटल क्लार्क के वर्तमान भवन के पास एक अन्य बहुमंजिला भवन है, जो काफी पुराना और जर्जर हालत में है। इसे पहले ही खाली कर दिया है। नगर निगम के अनुसार, होटल प्रबंधन की ओर से भवन के निरीक्षण के लिए आवेदन मिला था। निरीक्षण के बाद इसे अनसेफ घोषित किया जा रहा है।
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चौड़ा मैदान में सिसिल होटल के पास बने एक पुराने भवन को भी असुरक्षित पाया गया है। यह भी होटल की संपत्ति है, लेकिन इसका एक भवन काफी पुराना हो चुका है। इसे भी अनसेफ घोषित किया गया है। यह भवन पहले से ही खाली करवाया जा चुका है। नगर निगम के वास्तुकार राजेश शर्मा ने कहा कि शहर में सात भवनों का निरीक्षण किया है। इनमें चार को अनसेफ घोषित कर दिया गया है।
छोटा शिमला के पास एक पुराने मकान को भी अनसेफ घोषित किया है। यह मकान कुछ महीने पहले आग लगने से क्षतिग्रस्त हो गया था। अब यह खस्ताहालत में है और कभी भी ढह सकता है। ढली में दो मंजिला पुराने मकान को भी रहने लायक नहीं पाया गया है। इसे भी अनसेफ घोषित कर खाली करने को कहा है। न्यू शिमला में एक मकान में पानी की निकासी दुरुस्त करने के सुझाव दिए हैं। टॉलैंड और बीरखाना के पास भी दो मकानों का निरीक्षण किया गया। इनमें टॉलैंड में मकान की नींव पर डंगा लगाने के बाद इसे सुरक्षित कर दिया है। बीरखाना में भी मकान को फिलहाल अनसेफ घोषित करने की जरूरत नहीं पाई गई है।