बिलासपुर के बलदेव और मंडी के भूपेंद्र देश पर कुर्बान
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मणिपुर के चंदेल जिले में भारत-म्यांमार सीमा के पास जूपी हेंगशी क्षेत्र में रविवार दोपहर एक बजे उग्रवादियों के घात लगाकर किए गए हमले में शहीद हुए असम राइफल्स के छह जवानों में दो हिमाचल प्रदेश के हैं।
उग्रवादियों से लोहा लेते हुए जिला बिलासपुर के शाहतलाई के मरुड़ा निवासी सूबेदार बलदेव शर्मा (55) और मंडी के गोहर के सेगलागलू निवासी राइफलमैन भूपेंद्र कुमार (32) ने शहादत पाई है।
सेना के अधिकारियों ने सोमवार सुबह दोनों परिवारों को फोन पर शहादत की सूचना दी। परिजन जहां अपने लाडलों के देश के लिए शहीद होने पर फख्र महसूस कर रहे हैं, वहीं क्षेत्र में माहौल गमगीन है।
भूपेंद्र के परिवार में छाया मातम, बेटे पर सभी को फख्र
सोमवार को जैसे ही भूपेंद्र की शहादत की सूचना मिली उनके घर और गांव में मातम छा गया।
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मंगलवार देर शाम तक दोनों पार्थिव देह पैतृक गांव पहुंचने की उम्मीद है। सूबेदार बलदेव शर्मा की शहादत की सूचना मिलने पर पत्नी अरुणा (47), बेटे विवेक (24) और बेटी प्रियंका (21) का रो-रोकर बुरा हाल है।
बलदेव 28 अप्रैल को ही छुट्टी काटकर मणिपुर लौटे थे। बलदेव शर्मा जून 1980 में 29 असम राइफल्स में भर्ती हुए थे। गोहर निवासी भूपेंद्र कुमार वर्ष 2004 में असम राइफल्स में भर्ती हुए थे।
सोमवार को जैसे ही भूपेंद्र की शहादत की सूचना मिली उनके घर और गांव में मातम छा गया। भूपेंद्र अपने पीछे पत्नी नीतू देवी (28), बेटे हिमांशु (5) और बेटी भानुप्रिया (10) छोड़ गए हैं।