आउटसोर्स पर पद भरने के लिए भी नहीं मिली मंजूरी
स्थायी स्टाफ भरने की अभी शुरू की जानी है प्रक्रिया
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना (एआईएमएसएस) में इमरजेंसी सेवाओं को शुरू करने के लिए अभी तक पूरा स्टाफ नहीं मिला है। इस कारण अस्पताल में आपातकालीन सेवाएं शुरू नहीं हो पाई हैं। नवंबर में अस्पताल को छह मेडिकल ऑफिसर मिल चुके हैं लेकिन इमरजेंसी में 24 घंटे की सेवाएं शुरू करने के लिए सरकार अभी तक लैब कर्मचारी तैनात नहीं कर सकी है।
लैब में टेस्ट की सुविधा शुरू करने के लिए 13 स्वीकृत लैब तकनीशियनों के पदों को भरा जाना जरूरी है। इन पदों को भरने की न तो प्रक्रिया शुरू हुई और न ही अस्पताल प्रबंधन की मांग पर इन आवश्यक पदों को आउटसोर्स के आधार पर भरने के लिए सरकार से मंजूरी मिली है। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन चाह कर भी यहां संचालित किए जा रहे विभागों के इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को आपातकालीन सेवाएं नहीं दे पा रहा है।
अस्पताल के विभिन्न विभागों में सेवारत चिकित्सकों के आपसी तालमेल से वर्तमान में संचालित किए जा रहे आपातकालीन विभाग में शाम छह बजे तक हृदय रोगियों, न्यूरोलॉजी, यूरोलॉजी और अन्य विभागों के आने वाले गंभीर मरीजों की सुविधा के लिए इमरजेंसी सेवाएं शुरू की हैं। इन सेवाओं को अस्पताल प्रबंधन 24 घंटे के लिए शुरू नहीं कर पा रहा है। इसके लिए अस्पताल में दिन रात लैब में टेस्ट की सुविधा होना जरूरी है।
रात आठ से सुबह आठ बजे तक की शिफ्ट में अस्पताल की अपनी लैब में टेस्ट करना संभव नहीं हो पा रहा है। इसलिए अस्पताल की आपातकालीन सेवाएं शाम छह बजे तक ही उपलब्ध करवाई गई हैं। इसके बाद इमरजेंसी में विभिन्न रोगों से पीड़ित गंभीर अवस्था में आने वाले मरीजों को आईजीएमसी के इमरजेंसी विभाग में भेजना पड़ता है।
अस्पताल में कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी, यूरोलॉजी, सीटीवीएस जैसे सुपर स्पेशलिटी विभाग हैं। इनमें अधिकतर में इमरजेंसी मामले आने की संभावनाएं रहती है। अस्पताल प्रबंधन की यह मजबूरी है कि उसे शाम छह बजे के बाद आने वाले इमरजेंसी मामले आईजीएमसी भेजना पड़ते हैं। सुबह आठ बजे से शाम छह बजे तक अस्पताल में इमरजेंसी विभाग में मरीजों का प्राथमिक और रूटीन उपचार शुरू किया गया है।
सरकार से की गई हैं स्टाफ की मांग : डॉ. बृज
एआईएमएसएस के प्राचार्य एवं एमएस का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे डॉ. बृज शर्मा ने कहा कि सरकार ने अस्पताल की इमरजेंसी के लिए मेडिकल ऑफिसर की भर्ती कर दी है। सहयोगी स्टाफ के रूप में लैब तकनीशियन और अन्य श्रेणी के स्टाफ की मांग सरकार और विभाग से की है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अस्पताल में उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए हमेशा दिल खोल कर सहयोग दिया है। उम्मीद है कि जल्द ही लैब स्टाफ भी उपलब्ध करवा दिया जाएगा।