साल 2016 में पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह ने किया था शिलान्यास
एमसी ने आठ साल बाद आधिकारिक तौर पर रद्द किया प्रोजेक्ट
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में 250 करोड़ रुपये से बनने वाला टुटीकंडी-जाखू रोपवे प्रोजेक्ट नगर निगम ने आधिकारिक तौर पर रद्द कर दिया है।
प्रोजेक्ट की फाइल बंद करते हुए निगम ने इसका काम करवाने वाली कंपनी का करीब 50 लाख रुपया भी लौटा दिया है। यह पैसा सिक्योरिटी के तौर पर लिया था। निगम ने हाल ही कंपनी के साथ चल रहे विवाद को सुलझाते हुए यह पैसा वापस किया। निगम प्रशासन के अनुसार अब पूरे शहर के लिए रोपवे प्रोजेक्ट तैयार किया है। इसका कार्य रोपवे ट्रांसपोर्ट डवेलपमेंट कार्पोरेशन कर रहा है। यह करीब 1743 करोड़ रुपये का है और इसमें शिमला के कई उपनगर जुड़ रहे हैं। ऐसे में नगर निगम के पिछले प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया।
नगर निगम ने साल 2016 में इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से करवाया था। यह रोपवे टुटीकंडी से वाया लिफ्ट होकर जोधा निवास के पास बने दादा-दादी पार्क तक बनना था। इसकी कुल लंबाई करीब 3500 मीटर थी। पार्क में बाकायदा इसकी शिलान्यास पट्टिका भी लगाई थी। नगर निगम ने इस योजना को सिरे चढ़ाने के लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर दी थी। इसका काम एक कंपनी को सौंपा था।
एनओसी न मिलने पर रद्द हो गया प्रोजेक्ट
नगर निगम के अनुसार इस योजना को सिरे चढ़ाने के लिए कई महकमों से एनओसी मिल गई थी। लेकिन एयरपोर्ट अथाॅरिटी, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग और वन विभाग से अंतिम मंजूरी नहीं मिल पाई। इस बारे में निगम ने कई बार केंद्र के साथ पत्राचार भी किया था लेकिन इसका कोई जवाब नहीं मिला। ऐसे में इसे रद्द करना पड़ा है। अब इसकी फाइल भी बंद कर दी है।