खड़ापत्थर सुरंग की लंबाई 2,840 मीटर प्रस्तावित की गई है। कोटखाई की तरफ से पश्चिमी छोर से एप्रोच रोड की लंबाई 563.436 मीटर और जुब्बल की तरफ पूर्वी छोर से एप्रोच रोड की लंबाई 969.659 मीटर होगी।
नेशनल हाईवे ठियोग-हाटकोटी 705 पर खड़ापत्थर के नीचे से सुरंग बनेगी। केंद्र सरकार को सुरंग बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। इस सुरंग की निर्माण लागत लगभग 250 करोड़ रुपये होगी। खड़ापत्थर सुरंग की लंबाई 2,840 मीटर प्रस्तावित की गई है। कोटखाई की तरफ से पश्चिमी छोर से एप्रोच रोड की लंबाई 563.436 मीटर और जुब्बल की तरफ पूर्वी छोर से एप्रोच रोड की लंबाई 969.659 मीटर होगी। एप्रोच रोड को मिलाकर इसकी कुल लंबाई 4373.095 मीटर होगी।
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बचाव सुरंग की लंबाई 3095 मीटर होगी। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सर्द ऋतु के दौरान ऊपरी हिमाचल में भारी बर्फबारी से सड़क संपर्क बाधित होता है। ठियोग-कोटखाई-हाटकोटी एनएच पर खड़ापत्थर के पास भारी बर्फबारी के दौरान जुब्बल-रोहड़ू, डोडरा-क्वार और उत्तराखंड की ओर जाने वाले लोगों को परेशानी और असुविधा का सामना करना पड़ता है। लोगों की सुविधा के दृष्टिगत इस क्षेत्र के लिए वर्षभर निर्बाध आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए इस सुरंग के निर्माण का निर्णय लिया है।
लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि इस सुरंग के निर्माण से शिमला से रोहड़ू की दूरी 10 से 12 किलोमीटर कम होगी। इससे परिवहन लागत में भी कमी आएगी। इस सुरंग के बनने से क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा तथा गिरिगंगा, कुप्पड़, हाटकोटी, चांशल दर्रा आदि पर्यटन क्षेत्र बेहतरीन पर्यटन गंतव्य के रूप में उभरेंगे। कहा कि ऊपरी शिमला क्षेत्र सेब के उत्पादन के लिए विश्वविख्यात है। इस सुरंग के बनने से उत्पादों के परिवहन की लागत में भी कमी आएगी।