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विधानसभा: अब इस बात पर भिड़ गए वीरभद्र-धूमल, सदन में गरमाए ये 6 मुद्दे

Wed, 08 Mar 2017 01:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को सदन के नेता वीरभद्र सिंह और नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल फिर भिड़े। हमीरपुर में बमसन-लगवालटी योजना पर दोनों में दोबारा बहस छिड़ गई। सीएम वीरभद्र सिंह ने शिलान्यास पट्टिका हटाने के आरोप लगाए। मंगलवार सुबह 11:00 बजे शुरू हुए सदन की बैठक में एक घंटे तक प्रश्नकाल शांतिपूर्वक चलता रहा। प्रश्नकाल के दौरान सीएम वीरभद्र सिंह सदन में मौजूद नहीं थे।
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सीएम वीरभद्र सिंह प्रश्नकाल के बाद जब सदन में पहुंचे तो उसी के बाद माहौल गरमाने लगा। रामपुर से कांग्रेस विधायक एवं सीपीएस नंद लाल बीच में राज्यपाल आचार्य देवव्रत के अभिभाषण पर चर्चा के लिए खड़े थे और उन्होंने हमीरपुर निर्वाचन क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बमसन-लगवालटी पेयजल योजना में हिमाचल की कांग्रेस सरकार का खास योगदान रहने का मामला उठाया।

नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल बोले कि वे धन्यवादी हैं कि प्रदेश विधानसभा सदस्य ने उनके  क्षेत्र का भी ध्यान रखा। धूमल ने कहा कि ये योजना उन्हीं के कार्यकाल में बनी है। इस पर सीएम वीरभद्र सिंह बोले - हमने हमीरपुर में वंडरफुल वर्क किया है। धूमल ने तो इस स्कीम के उद्घाटन का पत्थर सड़क पर लगा रखा था। मेरा शिलान्यास का पत्थर तो पहाड़ के ऊपर पानी के दो टैंकों के बीच रखा गया ताकि कोई देखे नहीं।
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हमारी सरकार आई तो इसे सही जगह पर लगाया। जब इस स्कीम के उद्घाटन का वक्त था तो माननीय सदस्य मुख्यमंत्री थे। इस पर धूमल बोले - ये स्कीम हमारे वक्त में शुरू हुई थी। वीरभद्र बोले - मैंने शिलान्यास किया और आपने उद्घाटन किया। धूमल ने सफाई दी - पत्थर हटा, क्योंकि वहां पर बस स्टैंड बना था। इस मामले की जांच को एक कमेटी बनाई जाए।

वीरभद्र ने कहा - स्पीकर को कहता हूं कि वे इस बारे में कमेटी बनाएं और इन्कवायरी करें। धूमल बोले - इनको पता नहीं है कि पानी कहां से आ रहा है। वीरभद्र बोले - मुझे पता है। मैं हिमाचल के एक-एक इलाके को जानता हूं। इसके बाद माहौल कुछ शांत होता दिखा। लगभग सवा एक बजे सदन की कार्यवाही भोजनावकाश के बीच एक घंटे के लिए स्थगित की गई। सवा दो बजे के बाद चर्चा दोबारा शुरू हुई। 

धूमल बोले - पहली स्टेज का उद्घाटन शांता कुमार ने करवाया था 
धूमल ने कहा कि इस योजना की पहली स्टेज का उद्घाटन वर्ष 1978 में शांता कुमार ने करवाया था। जिस अपग्रेडेशन की बात की जा रही है, उसे भाजपा सरकार ने किया। कांग्रेस का तो पत्थर लगाने का ही योगदान है। धूमल ने इस बीच रामपुर क्षेत्र में भाजपा सरकार के समय शुरू की गई योजनाओं को भी गिनाया। 

अंग्रेजी में प्रश्नों की बौछार, उलझ गए मंत्री जी 

नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने अंग्रेजी में जवाब देते मंत्री से अंग्रेजी में ही अनुपूरक सवाल पूछे और मंत्री को प्रश्नों के जवाबों में ही उलझा दिया। सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग में रिक्त पदों को भरने के मामले में विधायक आशा कुमारी के सवाल का जवाब मंत्री धनीराम शांडिल अंग्रेजी में दे रहे थे। इसी बीच धूमल भी खड़े हो गए और उन्होंने मंत्री से अंग्रेजी में ही अनुपूरक सवाल पूछा।

3 साल की रिक्तियों की स्थिति और अन्य विषयों पर प्रश्न किए जाने पर मंत्री जवाब टटोलते रह गए। बाद में धूमल ने कहा कि सदन को गुमराह न करें। उन्होंने हंसते हुए कहा, बस मंत्री जी हो गया, बैठ जाइए। आशा कुमारी ने डलहौजी के तहसील कल्याण अधिकारी को चंबा में तैनात करने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि विभाग में जिला में 50 फीसदी पद खाली हैं। इसी तरह कई स्थानों पर अधिकांश पद खाली हैं, जिससे जरूरतमंद लोगों को दिक्कतें आ रही हैं।  

11 सड़कों का होगा निर्माण
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री धनी राम शांडिल ने कहा कि नाचन विधानसभा क्षेत्र में अनुसूचित जाति उपयोजना के तहत 11 सड़कों को बनाया जाएगा। विधायक विनोद कुमार के सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि जिन 2 सड़कों की बात विधायक कर रहे हैं, उनको भी इस योजना के तहत शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 2 सड़कों के लिए राशि इसी बजट के दौरान दी जाएगी।

टीसीपी से बाहर होंगे ग्रामीण क्षेत्र

शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि हिमाचल के अति ग्रामीण क्षेत्र टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीसीपी) एरिया से बाहर होंगे। प्रदेश सरकार इस मामले पर गंभीरता से अध्ययन कर रही है। टीसीपी में जिन क्षेत्रों को शामिल किया गया है, वहां के ग्रामीणों को तीन मंजिल तक भवन बनाने के लिए टीसीपी से मंजूरी लेने की आवश्यकता नहीं होगी।

मंत्री बैजनाथ के विधायक किशोरी लाल की ओर से पूछे गए प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। इस दौरान भाजपा विधायक महेश्वर सिंह ने अनुपूरक प्रश्न में कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों को टीसीपी में मर्ज कर रही है लेकिन इन क्षेत्रों में विकास कार्य होना तो दूर, एक्ट लागू किए जाने से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। ऐसे में इन क्षेत्रों को टीसीपी से बाहर किया जाना चाहिए।  

विधायक किशोरी लाल ने सरकार से पूछा कि नगर पंचायत बैजनाथ और पपरोला को टीसीपी में शामिल कर दिया है। इसमें शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने कहा कि इन दोनों पंचायतों को वर्ष 2014 में टीसीपी में शामिल कर दिया था। अनुपूरक प्रश्न में महेश्वर सिंह से कहा कि मणिकर्ण और कसोल को भी टीसीपी में शामिल किया गया है।

यहां के लोग लगातार क्षेत्र को टीसीपी से बाहर किए जाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार क्षेत्रों के विकास कार्यों में पैसा खर्च करती है तो तब टीसीपी में शामिल होने की बात बनती है लेकिन जब विकास कार्य नहीं होना है तो ऐसे में जबरन लोगों के ऊपर क्यों शर्तें थोपी जा रही हैं।

स्पेशलिस्ट मिले तो हिमाचल में शुरू होगा किडनी ट्रांसप्लांट

स्वास्थ्य मंत्री ठाकुर कौल सिंह ने कहा कि हिमाचल को किडनी स्पेशलिस्ट डाक्टर मिलने है तो इंदिरा मेडिकल कालेज और टांडा में सरकार किडनी ट्रांसप्लांट आपरेशन करने के लिए तैयार है। ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने डॉ. राकेश चौहान को किडनी ट्रांसप्लांट सुपर स्पेशलिटी का प्रशिक्षण लेने पीजीआई भेज रखा है। तीन साल तक आपरेशन करने के बाद अगर स्पेशलिस्ट डाक्टर उन्हें किडनी ट्रांसप्लांट करने की अनुमति देते हैं तो हिमाचल में इसे शुरू किया जाएगा। 

स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह विधायक राजीव सैजल की ओर से पूछे गए प्रश्न के उतर में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अस्पतालों में किडनी प्रत्यारोपित किए जाने की सुविधा नहीं है। वर्तमान प्रदेश का कोई भी डाक्टर मानव अंग प्रत्यारोपण नियम, 2014 में निहित शर्तों को पूरा नहीं करता। इस संबंध में प्रदेश सरकार ने निदेशक पीजीआई. चंडीगढ़ और एआईआइएमएस नई दिल्ली से उठाया और अब डाक्टर राकेश चौहान, सहायक आचार्य  सर्जरी को किडनी प्रत्यारोपण के लिए पीजीआई में फैलोशिप के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है।

इनके लौटने पर हिमाचल में किडनी ट्रांसप्लांट शुरू किया जा सकता है। इसके अलावा अगर प्रदेश सरकार को कई स्पेशलिस्ट मिलता है तो आईजीएमसी में ट्रांसप्लांट शुरू कर दिया जाएगा। 

भारद्वाज बोले, मुझे आप अपनी जगह बिठा दो, मैं लाऊंगा डाक्टर
कौल सिंह जब अपनी बात करके खत्म हुए तो इसी बीच भाजपा विधायक सुरेश भारद्वाज ने अनुपूरक प्रश्न किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को चाहिए कि वह बाहरी राज्यों से हिमाचल में डाक्टर बुलाए। इस पर कौल सिंह ने कहा कि अगर आपकी जानकारी में कोई डाक्टर है तो बताओ। इस बीच भारद्वाज ने कहा कि मुझे आप अपनी जगह बिठा दो, मैं डाक्टर लाऊंगा। कौल बोले, इस जगह पर बैठने के लिए आपको 10 साल लगेंगे। वैसे भी हिमाचल में कांग्रेस सरकार रिपीट हो रही है।

चीड़ के पेड़ से बिरोजा निकालने के मामले की होगी जांच 

चीड़ के पेड़ से नियमों के विपरीत बिरोजा निकालने के मामले की जांच होगी। प्रदेश सरकार ने इसके लिए जांच कमेटी गठित करेगी। भाजपा विधायक राजीव बिंदल ने विधानसभा में प्रदेश सरकार पर नियमों के विपरीत चीड़ के पेड़ों से बिरोजा निकालने का आरोप लगाया। इस पर वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने मामले में जांच करने की बात कही।

भरमौरी ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2014, 2015 और 2016 में जंगलों में बिरोजा निकासी के मामलों में नियमों की अनुपालना न करने के 17,862 मामले पकड़े हैं। इनमें से 14,456 सरकारी तथा 3,406 मामले निजी वन क्षेत्र से संबंधित है। जंगलों में बिरोजा निकासी के मामलों में नियमों की अनुपालना न करने के पकड़े 14,456 मामलों में नियमों के अंतर्गत 45,96,199 रुपए वसूले गए हैं।
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जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर धर्मशाला में हो छह महीने के लिए राजधानी

देहरा के भाजपा विधायक रविंद्र सिंह रवि ने कहा कि छोटा सा प्रदेश है, यहां पर इस तरह की कोई आवश्यकता नहीं है। रवि ने कहा कि जिस तरह से जम्मू-कश्मीर में छह महीने के लिए और श्रीनगर में छह माह के लिए राजधानी रहती है, उसी तर्ज पर प्रदेश में भी दूसरी राजधानी चलनी चाहिए। वे तभी मानेंगे, यह हमारी मांग है। 

मंगलवार को प्रदेश विधानसभा में भाजपा विधायक रविंद्र सिंह रवि ने राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कहा कि धर्मशाला में मिनी सचिवालय का भवन तैयार करना धूमल सरकार की देन है। दोनों भवन प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व की राज्य सरकार ने ही बनवाए हैं। वे यह भी जानना चाहते हैं कि क्या दूसरी राजधानी बनाने के बाद धर्मशाला में भी कर्मचारियों को राजधानी भत्ता मिलेगा?
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