पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल के आरोपों पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कड़ा पलटवार किया है। वीरभद्र ने कहा कि उन्होंने कभी भी अपने राजनीतिक विरोधियों को शत्रु नहीं समझा। धूमल ने अपने कार्यकाल में राजनीतिक विरोधियों का निरादर किया। झूठे और मनगढ़ंत मामले बनाए।
सीएम ने कहा कि नयनादेवी के बस्सी में सरकारी समारोह में भाजपा विधायक को पूरा सम्मान दिया गया। धूमल अपने विधायकों को अनुशासन सिखाएं। उन्हें मालूम होना चाहिए कि पार्टी और सार्वजनिक समारोह में क्या भिन्नता होती है। सीएम ने धूमल को नसीहत भी दी कि वे अपने राजनीतिक विरोधियों पर छींटाकशी के बजाय आत्म विश्लेषण करें।
महज खबरों में बने रहने के लिए अनापशनाप बयानबाजी छोड़ दें। सीएम ने कहा कि धूमल विपक्ष के नेता की भूमिका निभाने में असफ ल रहे हैं। सभी भाजपा विधायकों ने हमेशा विधानसभा सत्र से वॉकआउट करना उचित समझा। हमेशा जन कल्याण व लोकहित के मुद्दों पर चर्चा से बचते रहे।