प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ट्रक की चपेट में आने वाला अनूप कुमार करीब दो घंटे तक सड़क पर तड़पता रहा। इस दौरान न तो उसे किसी ने उठाया और न ही किसी ने उसे अस्पताल पहुंचाने की जहमत उठाई। सभी पुलिस कार्रवाई के पचड़े में पड़ने से डरते रहे। दो घंटे बाद उसने सड़क पर ही दम तोड़ दिया।
उसके बाद पुलिस और एंबुलेंस पहुंची। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। री पंचायत की प्रधान कल्पना शर्मा का कहना है कि अगर घायल को समय पर अस्पताल पहुंचा दिया जाता तो उसकी जान बच सकती थी। बता देें कि स्वारघाट थाना गरामोड़ा से 10 किलोमीटर दूर पड़ता है, लेकिन यह पंचायत कोट कहलूर थाने में पड़ती है।
यहां से पहुंचने में आधा घंटा लगता है। कोट पुलिस थाना प्रभारी योग राज चंदेल का कहना है कि हादसा रात 11:45 बजे हुआ। हमें 12:22 बजे सूचना मिली। थाने से पहुंचने में 40 मिनट लग गए, इस कारण देरी हुई। पुलिस के साथ ही एंबुलेंस पहुंची।