राज्यसभा सांसद केडी सिंह से जुड़ी अलकेमिस्ट इंफ्रा रियलिटी कंपनी के हिमाचल में एक और बड़े बेनामी सौदे का खुलासा हुआ है। उपायुक्त शिमला की कोर्ट ने छराबड़ा में तीस बीघा जमीन के साथ-साथ शिमला के नजदीक ही रामपुर क्योंथल में किसानों से खरीदी गई 356 बीघा जमीन को भी बेनामी करार देते हुए इसे राज्य सरकार के हवाले करने के आदेश दिए हैं। ये जमीन अलग-अलग हिस्सों में जिला सोलन के चार लोगों के नाम है।
इसमें प्रति बीघा साढ़े चार लाख से लेकर साढ़े आठ करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। किसानों को साढ़े चार लाख प्रति बीघा के हिसाब से भुगतान करने की बात सामने आई है। कई परिवारों से यह जमीन खरीदी गई है। इसमें जमीन की रजिस्ट्री के समय लाखों की स्टांप ड्यूटी चोरी करने का आरोप भी है।
अब इसमें लाखों की रिकवरी के नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उपायुक्त दिनेश मल्होत्रा ने कहा कि रामपुर क्योंथल जमीन खरीद मामले में हिमाचल भू राजस्व कानून 1972 की धारा 118 का उल्लंघन पाया गया है। सभी तथ्यों को देखने के बाद इस संपत्ति को बेनामी घोषित कर दिया है। इस जमीन को राज्य सरकार के नाम करने के आदेश तहसीलदार को जारी कर दिए हैं।