डीएचएमयू और पैनारमिक विस्ताडोम के सुरक्षा मानकों और रफ्तार की होगी जांच
सफल ट्रायल के बाद रेल मंत्रालय को भेजी जाएगी रिपोर्ट
30 कोच किए गए हैं कपूरथला रेल कोच फैक्ट्री में तैयार
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। रेलवे सुरक्षा के मुख्य आयुक्त (सीसीआरएस) की ओर से विश्व धरोहर कालका शिमला रेललाइन पर दो रेलगाड़ियों के ट्रायल लिए गए। इसमें डीजल हाईड्रोलिक मल्टीपल यूनिट (डीएचएमयू) और पैनारमिक विस्ताडोम कोच शामिल हैं। इसमें विस्ताडोम के रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला में 30 कोच तैयार किए गए। इसमें विस्ताडोम कोच का ट्रायल कालका से बड़ोग रेलवे स्टेशन तक किया गया, जिसमें सात कोच जोड़े गए थे। यह ट्रेन सोमवार दोपहर 12:22 बजे कालका से चली और बड़ोग रेलवे स्टेशन में 3:15 बजे पहुंची, जबकि डीएचएमयू का ट्रायल बड़ोग से शिमला रेलवे स्टेशन तक लिया गया। यह ट्रेन दोपहर 12:50 पर कालका बड़ोग रेलवे स्टेशन से निकली थी और और 3:20 बजे बड़ोग पहुंची। यहां से 3:40 बजे बड़ोग से शिमला के लिए रवाना हुई और शाम 6:10 बजे शिमला रेलवे स्टेशन पहुंची। इसमें कुल तीन बोगियां जोड़ी गई थी।
दोनों रेलगाड़ियों में रेलवे बोर्ड अंबाला के अधिकारी और रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला की तकनीकी टीम मौजूद रहीं। टीम ने जगह-जगह ट्रेन की एमरजेंसी ब्रेक की जांच की। साथ ही इसमें सुरक्षा मानक, फायर सेफ्टी, रफ्तार, उतराई व चढ़ाई में दिक्कत की जांच की गई। इसके अलावा भी कई तरह की जांच की गई। मंगलवार को इसमें अब डाउन में ट्रायल लिए जाएंगे। इसमें भी सुरक्षा मानकों पर नजर रखी जाएगी। हालांकि अभी 10 दिनों तक इसमें ट्रायल चलेंगे। यदि कोई खामी पाई जाती है तो तकनीकी टीम उसे दुरुस्त करेगी। 10 दिन बाद इसकी रिपोर्ट बनाकर रेल मंत्रालय को भेजी जाएगी, ताकि इन दोनों ट्रेन को विश्व धरोहर रेललाइन पर चलाने की अनुमति मिल सके।
कोट
कालका शिमला रेललाइन पर डीएचएमयू और पैनारमिक विस्ताडोम कोच के ट्रायल शुरू किए गए हैं। इसमें पहले दिन विस्ताडोम का बड़ोग तक और डीएचएमयू का शिमला तक ट्रायल लिया गया। सफल ट्रायल के बाद इसकी रिपोर्ट रेल मंत्रालय को भेजी जाएगी।
यशनजीत सिंह,वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक रेल मंडल,अंबाला