अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना में उपचार के लिए आने वाले मरीजों की सुविधा के लिए एचआरटीसी ने मंगलवार सुबह ट्रायल के तौर पर बस चलाई। इस दौरान तंग और खस्ताहाल सड़क पर बस कई जगह फंसती रही।
सड़क में गाड़ियों को पास देने तक की जगह नहीं है। इस वजह से छोटे वाहनों में आवाजाही करने वाले लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। सुबह 11:30 बजे बस ढली चली और करीब 11:50 पर भट्ठाकुफर पहुंची। यहां से मरीजों को बैठाने के लिए बस संपर्क मार्ग पर चली तो शुरू से ही यहां गड्ढों की भरमार नजर आई। हालत यह थी कि तंग सड़क होने के कारण बसों को पास देने में खासी दिक्कत पेश आई। इसी दौरान 11:55 बजे एक एंबुलेंस हॉर्न बजाते हुए बस के पीछे से पहुंची लेकिन सड़क तंग होने के कारण आधे किलोमीटर तक इसे पास नहीं दिया जा सका। इसके बाद बस खुले स्थान पर खड़ी हुई जिसके बाद एंबुलेंस अस्पताल की ओर निकली।
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माठूराम कालोनी के पास भी बस घरों के बीच में बीच-बीच में फंसती रही। इस दौरान तंग जगहों पर छोटे वाहन चालक जान जोखिम में डालकर दूसरी तरफ से गुजरते रहे। कच्ची सड़क कई जगह दलदल में तब्दील हो गई थी, इससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी। यहां निर्माण कार्य के चलते ही बस को आवाजाही में दिक्कतें आ रही थी।
दलग के पास मशीनरी होने के कारण बस फंस गई। मुख्य मार्ग से ढाई किलोमीटर से भी कम दूरी पर स्थित चमियाना अस्पताल पहुंचने के लिए बस को करीब आधे घंटे का समय लगा और इस दौरान पांच से छह जगहों पर बस फंसीं। एचआरटीसी क्षेत्रीय प्रबंधक लोकल डिपो विनोद कुमार ने बताया कि लोगों की सुविधा के लिए बस को ट्रायल के तौर पर चलाया गया है, लेकिन तंग मार्ग पर बस कई जगह फंस रही है। इसके अलावा पासिंग के लिए भी उचित जगह नहीं है। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग से पत्राचार किया है। एचआरटीसी नियमित अंतराल के बाद टेंपों ट्रैवलर की सुविधा भी लोगों को उपलब्ध करवा रहा है।