यातायात जाम लगने से लोगों को भी हो रही परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के विकासनगर में बरसात में गिरे पेड़ वन विभाग अभी तक सड़क से नहीं हटा पाया है। इस कारण क्षेत्रवासियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इसको लेकर स्थानीय लोगों और पार्षद ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विकासनगर में काली माता मंदिर के पास बीते साल बरसात में पेड़ गिरे थे। कई महीने बीत जाने के बाद भी अभी तक विभाग ने वहां से पेड़ नहीं हटाए हैं। सड़क के दोनों तरफ पेड़ गिरे हुए हैं। इसके चलते रोजाना लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि यह गाड़ियों को पास देने का प्वाइंट है लेकिन यहां पर दोनों तरफ पेड़ गिरने होने के कारण गाड़ियों को एक-दूसरे को पास देने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते यहां पर रोजाना जाम लग रहा है। लोग जाम में फंस रहे हैं और अपने गंतव्यों तक देरी से पहुंच रहे हैं। स्थानीय पार्षद रचना भारद्वाज ने बताया कि उन्होंने इस मामले को दो बार नगर निगम के हाउस में उठाया है। इसके साथ संबंधित विभाग के अधिकारियों से भी बात की है लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि विभाग इस मामले में टाल मटोल कर रहा है। एक दूसरे पर बात टाल रहा है। वन मंडल शहरी के अधिकारी इस बात को कह कर टाल देते हैं कि यह मामला उनके क्षेत्र का नहीं है।
उन्होंने अपने अधिकार क्षेत्र से पेड़ हटा दिए हैं। यह शिमला ग्रामीण और वन मंडल मशोबरा के तहत आता है। इसके बाद उन्होंने उनसे बात की लेकिन अभी तक पेड़ नहीं हटाया गया है। इस कारण वार्ड के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी मांग है कि गिरे पेड़ों को यहां से हटाया जाए। वन विभाग के डीएफओ शिमला शहरी पवन ने बताया कि यह उनके क्षेत्र में नहीं आता है। वहीं डीएफओ शिमला ग्रामीण अनिकेत ने बताया कि विभाग ने इस संबंध में फॉरेस्ट कॉर्पोरेशन को लॉट बनाकर दे दिए हैं। इसको हटाने का काम कॉर्पोरेशन करेगा। कॉर्पोरेशन जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर इसको हटा देगा।