कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर गिरा पेड़।
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कालका-शिमला विश्व धरोहर रेलवे ट्रैक पर दूसरे दिन बारिश के बाद भूस्खलन और पेड़ गिरने से ट्रेनें लेट हो गईं। शुक्रवार को फिर पट्टा मोड़ के समीप मलबा और पत्थर ट्रैक पर आ गिरे। वहीं इससे पहले सोलन के समीप विशालकाय पेड़ ट्रैक पर गिर गया। इस कारण दोहरी दीवार में शिमला से कालका जाने वाली 04544 स्पेशल ट्रेन मौके पर ही करीब डेढ़ घंटा तक खड़ी रही। करीब 7:35 बजे सोलन से ट्रैक बहाल हुआ। इसके बाद पट्टा मोड़ के समीप पत्थर गिरने से ट्रेन को कुमारहट्टी रेलवे स्टेशन पर रोकना पड़ा।
जानकारी के अनुसार स्पेशल ट्रेन शिमला से कालका की ओर जा रही थी। यह ट्रेन सोलन स्टेशन से शाम करीब 5:44 बजे बड़ोग के लिए निकली। जैसे ही ट्रेन करीब 5:50 बजे कलीन दोहरी दीवार के समीप पहुंची तो इंजन चालक ने ट्रैक पर विशालकाय पेड़ गिरा देखा। चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगा दी और ट्रेन को मौके से 50 मीटर पहले ही रोक दिया। इसके बाद इंजन चालक ने इसकी सूचना सोलन रेलवे स्टेशन को दी। इसके बाद टीम मौके पर पहुंची और ट्रैक को बहाल करने का कार्य शुरू हुआ।
कुछ ही देर में ट्रैक को सुचारु किया और ट्रेन को बड़ोग के लिए रवाना किया। इसके बाद पट्टा मोड़ के समीप पत्थर गिरने की सूचना लाइनमैन ने कुमारहट्टी दी गई। इसके बाद आ रही ट्रेन को यहां रोका गया। इसके बाद कालका जाने वाली हिम दर्शन 52460 ट्रेन को बड़ोग स्टेशन पर रोका गया। देर शाम तक ट्रैक बहाल नहीं हुआ था। उधर, सीनियर डीसीएम अंबाला मंडल हरि मोहन ने बताया कि पहाड़ों में बारिश के बाद से ट्रैक पर पत्थर और मलबा गिर रहा है। टीम अलर्ट पर रखी है। शुक्रवार को शाम को ट्रैक पर पेड़, पत्थर और मलबा गिरने के बाद ट्रेनें देरी से चली हैं।
रात 10:00 बजे हुआ था ट्रैक बहाल
गुरुवार को भी ट्रैक पर पट्टा मोड़ के समीप मलबा और पत्थर गिरने के बाद इंजन टकरा गया था। इसके बाद वीरवार की सभी ट्रेनों को रद्द कर दिया था। रेलवे टीमों ने गुरुवार रात करीब 10:00 बजे ट्रैक को सुचारु किया था। इसके बाद शुक्रवार सुबह से सभी ट्रेनें सुचारु रूप से चली थी लेकिन शाम को फिर ट्रैक बाधित हो गया।