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Shimla News: जिला परिषद सदस्यों के शपथ समारोह स्थल पर नारेबाजी, डीसी से धक्कामुक्की

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समारोह स्थल से जिप सदस्यों के परिजनों और समर्थकों को बाहर जाने को कहने पर विवाद, भाजपा ने किया प्रदर्शन
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बाहर निकलते डीसी का रोका रास्ता, पुलिस ने सुरक्षा घेरे में निकाला
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। बचत भवन शिमला में शनिवार को जिला परिषद सदस्यों के शपथ समारोह में जमकर बवाल हुआ। नारेबाजी के बीच डीसी से धक्कामुक्की भी हुई। राजधानी के बचत भवन के उपायुक्त कार्यालय में शनिवार को नवनिर्वाचित जिला परिषद सदस्यों का शपथ-ग्रहण समारोह था।

समारोह में जिप सदस्य अपने परिजनों और सैकड़ों समर्थकों के साथ यहां पहुंचना शुरू हो गए। सदस्य अपनी-अपनी सीटों पर बैठ गए लेकिन इसी बीच प्रशासन की ओर से नवनिर्वाचित सदस्यों के परिजनों, समर्थकों को सभागार से बाहर जाने को कहा। इसके बाद इस फैसले का विरोध शुरू हो गया। समारोह स्थल में अपने लोगों के साथ पहुंचे भाजपा नेताओं और उनके कार्यकर्ताओं ने बचत भवन के बाहर जमीन पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी। इस बीच सुबह 11:35 बजे उपायुक्त अनुपम कश्यप बचत भवन में आए और यहां पर सदस्यों को शपथ दिलाई। दस मिनट बाद वह जैसे ही भवन से बाहर निकले तो यहां पर बैठे भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच से निकलने का प्रयास करने लगे जिससे माहौल गरमा गया।
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भड़के भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनके सामने मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। एकाएक गरमाए इस माहौल के बाद उपायुक्त को भी इस भीड़ से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। इसी बीच इनके साथ धक्कामुक्की भी हुई और उपायुक्त अनुपम कश्यप असंतुलित होकर गिर पड़े। हालांकि किसी तरह उन्होंने खुद को संभाला और पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद वह अपने कार्यालय चले गए।



प्रशासन ने विवादित बना दिया कार्यक्रम : चौहान
भाजपा जिला अध्यक्ष केशव चौहान ने प्रशासन के इस रवैये पर सवाल उठाए। प्रशासन ने कार्यक्रम को अनावश्यक रूप से विवादित बना दिया। उन्होंने कहा कि जिला परिषद जैसे लोकतांत्रिक संस्थान के शपथ ग्रहण समारोह में निर्वाचित सदस्यों के परिवारों और समर्थकों को प्रवेश से रोकना अनुचित है। आरोप लगाया कि जिला परिषद के इतिहास में पहली बार ऐसा देखने को मिला है जब शपथ ग्रहण कार्यक्रम को लेकर इस तरह की सख्ती बरती गई।


सरकारी एजेंट न बनें अधिकारी : भारद्वाज
पूर्व शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि सरकारी अधिकारी एजेंटों की तरह काम न करें। जिला परिषद लोकतंत्र की एक चुनी हुई संस्था है। सदस्यों के परिजनों को प्रवेश न करने देना प्रशासनिक तानाशाही का प्रतीक है। प्रशासन की यह मंशा स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि कांग्रेस अंदर से बुरी तरह डरी हुई है और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का सम्मान नहीं कर रही है।
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प्रवेश से रोकना गलत : महाजन
राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने कहा कि सत्ता का सेमीफाइनल हो चुका है। भाजपा के पास आवश्यक संख्या बल है। ऐसे में वह किसी भी समय शपथ ग्रहण के लिए तैयार हैं। वर्ष 2000 से जिला परिषद सदस्यों को शपथ दिला रहे हैं और ऐसा कोई नियम नहीं है जिसके तहत परिजनों या समर्थकों को हॉल में प्रवेश से रोका जा सके। ऐसा पहली बार हुआ है जोकि पूरी तरह गलत है।
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