भारतीय परिवहन मजदूर महासंघ ने ऐलान किया है कि यदि जल्द रात्रि भत्ता नहीं दिया गया तो परिवहन व्यवस्था ठप हो सकती है। महासंघ ने कहा कि त्योहार के मौके पर अगर परिवहन सेवाएं बाधित होंगी तो इसके लिए सरकार जिम्मेवार होगी।
पिछले 18 महीनों से न तो अतिरिक्त समय का देय भुगतान किया जा रहा है और न ही रात्रि भत्ता दिया जा रहा है। महासंघ के राष्ट्रीय सचिव महेश शर्मा ने शनिवार को कहा कि परिवहन निगम के चालक-परिचालक 18 महीने से रात्रि रूटों के समय मासिक वेतन से ही रात्रि ठहराव का खर्च उठा रहे हैं।
होटल के महंगे खाने सहित ठहराव आदि में ही आधे से ज्यादा वेतन लग रहा है। पहले अतिरिक्त समय और रात्रि भत्ते का भुगतान हर महीने की 22 तारीख को होता था, मगर अब यह 18 महीने से रुका पड़ा है। मांग की कि त्योहार पर इसकी एकमुश्त अदायगी की जाए।
डीए की घोषणा के साथ कम से कम एक वर्ष की अदायगी मिलनी चाहिए थी, पर इसके बजाय चालकों-परिचालकों को लगातार धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि महासंघ राष्ट्रहित और कर्मचारी हित को ध्यान में रखकर कार्य करता है। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि कर्मचारियों की समस्याओं का संवाद के माध्यम से निपटारा किया जाए।