प्रदेश में अवैध रूटों पर चल रही टूरिस्ट बसों को परिवहन मंत्री जीएस बाली ने एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। ऊना पहुंचे मंत्री बाली ने कहा कि ऐसे ऑपरेटर्स एक सप्ताह के भीतर अवैध ढंग से चलाई जा रहीं (इलीगल प्लाइंग) को खुद रोक लें। अन्यथा इन बसों को हिमाचल में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
बाली ने कहा कि विभागीय पड़ताल में सामने आया है कि कई टूरिस्ट बसें एचआरटीसी और अन्य प्राइवेट बसों के पीछे या आगे बिना रूट परमिशन के सवारियां ढो रहे हैं। यह गंभीर मसला है। इस पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। वहीं, उन्होंने कहा कि एचआरटीसी में खरीदी गई वर्दी की गुणवत्ता पर सवाल उठे थे जिस पर संबंधित फर्म को तीन करोड़ का जुर्माना लगाया गया है।
जांच कमेटी का गठन
इसको लेकर एक जांच कमेटी का गठन किया गया जो इसी विस सत्र में अपनी जांच रिपोर्ट सदन में रखेगी। वहीं, उन्होंने बताया कि जेएनएनयूएम के तहत हिमाचल को 550 बसें मिली हैं जिनमें से 250 बसें जल्द पहुंच रही हैं। इसके अलावा निगम 65 और बड़ी बसें लेने पर विचार कर रहा है।
अगले साल निगम के बेड़े में 300 और बसें जोड़ी जाएंगी। इस तरह कुल मिलाकर एचआरटीसी का बेड़ा 1650 बसों का हो जाएगा। बाली ने कहा कि दो बसों के भीतर हिमाचल में जीरो वैल्यू की कोई भी बस सड़कों पर नहीं दौड़ेगी। उन्होंने कहा कि वह निगम के साथ-साथ प्राइवेट बस आपरेटर्स के भी मंत्री हैं।
वीरभद्र की वरिष्ठता पर नहीं कोई सवाल
लेकिन उन्हें सूचना मिली है कि कुछ बस आपरेटर निगम के अधिकारियों से झगड़ कर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे मामलों पर कार्रवाई की जाएगी। उनके साथ कांग्रेस नेता राजीव मेहता, दीपक लठ्ठ, भूपेंद्र, अभिनव, करुण शर्मा, दमन सिंह, अंकुश आदि मौजूद रहे।
प्रदेश कांग्रेस में गाहे-बगाहे उठते नेतृत्व परिवर्तन को लेकर एक सवाल के जवाब में बाली ने स्पष्ट किया कि वीरभद्र सिंह अभी कांग्रेस का नेतृत्व कर रहे हैं। उनकी वरिष्ठता पर कोई सवाल नहीं है। कांग्रेस समेत भाजपा में कुछ ऐसे लोग हैं जो इस तरह की बातों को हवा देते हैं। वह किसी तरह की डिनर या लंच डिप्लोमेसी में विश्वास नहीं रखते।