परिवहन, तकनीकी शिक्षा और खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री जीएस बाली ने कहा कि पिछली बार जब बस किराया बढ़ाया था तो उसके बाद डीजल के दाम में आठ से नौ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। लेकिन, हिमाचल सरकार ने बस किराये में कोई बढ़ोतरी नहीं की। विपक्ष बस किराये को कम करने की मांग कर रहा है। प्रदेश सरकार डीजल के दामों में 10 से 15 प्रतिशत तक की उपयुक्त कमी का इंतजार कर रही है।
जैसे ही उपयुक्त रूप से डीजल के दाम कम होंगे तो बस किराये में कमी की जाएगी। लघु सचिवालय धर्मशाला में परिवहन मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का वित्तीय स्वास्थ्य अलार्म पर तो नहीं लेकिन बहुत ज्यादा स्वस्थ्य भी नहीं है। वित्तीय स्वास्थ्य सुधारने के लिए सभी को टीम वर्क के रूप में काम करना होगा।
केंद्रीय विश्वविद्यालय कुछ लोगों के अहम और राजनीति का शिकार हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उपभोक्ताओं को सस्ता राशन उपलब्ध करवाने पर प्रदेश सरकार 220 करोड़ रुपये इस वर्ष व्यय कर रही है। इस राशि से लोगों को बाजार भाव से लगभग 30 से 50 प्रतिशत कम दरों पर दालें, नमक, खाद्य तेल उपलब्ध करवाया जा रहा है।