परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि प्रदेश के दुर्गम एवं ग्रामीण क्षेत्रों की डिमांड के अनुरूप बसों के रूट परमिट जारी किए जाएंगे। सभी एसडीएम से रिपोर्ट मांगी है। तीन महीने में उन्हें रिपोर्ट देनी होगी। ओवरलोडिंग कम करने को अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी। परिवहन मंत्री ने शुक्रवार को घुमारवीं और बिलासपुर अस्पताल में दाखिल राहियां बस हादसे के घायलों का कुशलक्षेम पूछा।
वह घटनास्थल पर भी गए। सर्किट हाउस में पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि हादसा लापरवाही से हुआ है। बस में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई गई थीं। कहा कि लोगों से पता चला कि जिस बस का एक्सीडेंट हुआ, उसका चालक एचआरटीसी बस से आगे रहने के चक्कर में था। बस की रफ्तार भी अधिक थी।
निजी बस में दोगुनी सवारियां थीं और एचआरटीसी की 43 सीटर बस में महज 30 सवारियां थीं। उन्होंने परिवहन विभाग को जांच के आदेश दिए हैं।