रास्ते में बड़ोग, धर्मपुर, गुम्मन, कनोह ब्रिज में रुकते हुए सवा छह बजे कोच शिमला पहुंचा। विस्ताडोम के साथ रेलवे का स्पेशल कोच झरोखा भी शिमला पहुंचा। करीब दस लाख की लागत से तैयार किए गए इस कोच में बड़ी खिड़कियां लगाई गई हैं। कोच की छत भी मोटे कांच की है।
कोच के पीछे भी कांच लगा है जिससे सैलानी प्राकृतिक सौंदर्य का और भी अधिक आनंद ले सकते हैं। 36 सीटर कोच में अभी शौचालय की सुविधा नहीं है लेकिन रेल अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में बनने वाले अन्य विस्ताडोम में यह सुविधा भी जोड़ी जाएगी। केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल के निर्देशों पर कालका-शिमला हैरिटेज ट्रैक पर संचालन के लिए विस्ताडोम तैयार किया गया है।