आईएएस अधिकारियों के तबादलों के साथ ही शासन स्तर पर पुलिस अधिकारियों के तबादलों की कवायद शुरू हो गई है। विधानसभा चुनावों से पहले होने वाले इन तबादलों को आखिरी तबादले के तौर पर देखा जा रहा है। प्रस्तावित तबादला सूची में वे अधिकारी शामिल हैं, जो एक जिले में बतौर कप्तान या एक पद पर तीन साल का समय पूरा कर चुके हैं।
गृह विभाग में ऐसे करीब डेढ़ दर्जन अधिकारियों के नाम शासन को भेजे हैं। हमीरपुर की भोरंज विधानसभा सीट पर चल रहे उपचुनाव के चलते बदलाव पर मुहर नहीं लग सकी है। चुनाव खत्म होते ही सरकार इस पर फैसला ले सकती है। दरअसल, अगले छह महीने में कभी भी विधानसभा चुनावों की घोषणा हो सकती है।
ऐसे में सरकार अपने पसंदीदा पुलिस अधिकारियों को पहले से ही स्थानांतरित कर नई तैनाती देने की योजना बना रही है, ताकि अधिकारी चुनाव तक जिलों को पूरी तरह समझ लें। सूत्रों का कहना है कि तबादला सूची में 15 पुलिस अधिकारियों के नाम हैं। इनमें कई जिलों के एसपी शामिल हैं। इनमें ज्यादातर वे अधिकारी शामिल हैं, जिन्हें सरकार के बेहद नजदीकी माना जाता है।
चर्चा है कि इन अधिकारियों को एक दूसरे के जिलों से बदलकर नई तैनाती दी जा सकती है। हालांकि, विभागीय जानकार कहते हैं कि चुनाव के समय चुनाव आयोग की ओर से तबादलों से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसा इसलिए है, क्योंकि जिलों के एसपी या एसएसपी का पद आईपीएस कैडर के अधिकारी के लिए है, लेकिन हिमाचल में ज्यादातर जिलों में एसपी के पद एएसपी स्तर के अधिकारी तैनात हैं, ऐसे में आयोग इन्हें हटा सकता है।