कालका शिमला ट्रैक पर 48 डिग्री तक तीव्र घुमावदार मोड़ हैं। इन मोड़ों पर ट्रेन की स्पीड बढ़ाना बेहद पेचीदा काम साबित हो सकता है। इतना ही नहीं ट्रैक के कई हिस्सों पर हर सौ से डेढ़ सौ मीटर पर टनल भी परेशानी का सबब साबित हो सकती है। आरडीएसओ की टीम ट्रेन की रफ्तार मानकों के अनुसार जीपीएस की मदद से मापना चाहती है लेकिन टनल के भीतर जीपीएस सही तरीके से काम नहीं करता।
जतोग और तारादेवी के बीच स्टेट ट्रैक पर बढ़ाई जाएगी स्पीड
शिमला और शोघी के बीच होने वाले हाई स्पीड ट्रायल के लिए आरडीएसओ की टीम ने जतोग और तारादेवी के बीच का स्टेट ट्रैक चुना है। इस ट्रैक पर पहले चरण में साढ़े 22 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से इंजन दौड़ाया जाएगा।