हिमाचल के सरकारी स्कूलों में पहली और दूसरी कक्षाओं को पढ़ाने वाले शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी। सोमवार से एससीईआरटी सोलन में पांच दिवसीय कार्यशाला शुरू हुई। प्रदेश भर से चुने 50 शिक्षकों को प्रशिक्षण के दौरान मुख्य स्रोत व्यक्ति के रूप में तैयार किया जाएगा।
मुख्य स्रोत व्यक्ति अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। कार्यशाला में बच्चों की क्षमता और कौशल बढ़ाने के गुर सिखाए जाएंगे। प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सोमवार से राज्य शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) सोलन में पांच दिवसीय कार्यशाला शुरू हुई है।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत कार्यशाला में प्रशिक्षण देने के लिए एनसीईआरटी नई दिल्ली से प्रारंभिक शिक्षा विभाग (पाठन विभाग) से डा. ऊषा शर्मा, डा. तापोशि घोषाल, प्रभात, कुमारी जय और चेतन आचार्य आएंगे।
इसलिए दी जाएगी ट्रेनिंग
इस दौरान प्रदेश के चुने हुए 50 अध्यापकों को मुख्य स्रोत व्यक्तियों के रुप में तैयार किया जाएगा। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों की क्षमताओं को पढ़ने लिखने एवं अंकगणित में जमा, घटाव, गुना और भाग के क्षेत्र में कौशल को और बेहतर बनाना है।
स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर सर्व शिक्षा अभियान घनश्याम चंद ने बताया कि इससे प्रारंभिक शिक्षा के स्तर को और सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाया जा सकेगा। भाषाई और लिखने की क्षमताओं में वृद्धि होने से बच्चों की अभिव्यक्ति की कुशलता भी बढे़गी। कार्यशाला में प्रशिक्षित मुख्य स्रोत व्यक्ति प्रदेश भर के कक्षा पहली और दूसरी के सभी अध्यापकों को प्रशिक्षित करेंगे। इससे बच्चों की पढ़ने लिखने की क्षमताओं को बढ़ाया जाएगा।
कंप्यूटर शिक्षकों ने मांगी स्थायी नीति
वहीं, सरकारी स्कूलों में कार्यरत कंप्यूटर अध्यापकों ने शोषण के आरोप लगाए हैं। कंप्यूटर शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से विधानसभा सत्र के दौरान कंप्यूटर अध्यापकों के लिए स्थायी नीति बनाने की मांग की है। संघ का कहना है कि कंप्यूटर शिक्षक 14 वर्ष से कंपनियों की अनदेखी का दंश झेल रहे हैं। सोमवार को कंप्यूटर शिक्षकों की बैठक हमीरपुर में हुई।
अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश कंप्यूटर शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष रोशन मेहता ने की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्कूलों में 1484 कंप्यूटर अध्यापक कंप्यूटर शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। 14 वर्ष से अध्यापकों को कंपनी के शोषण का शिकार होना पड़ा है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह व प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह ने कंप्यूटर शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए नीति बनाने की घोषणा की थी।
इसे अभी तक लागू नहीं किया गया है। महासचिव राकेश शर्मा ने कहा कि पिछले 6 माह से कंपनी शिक्षकों को वेतन का भुगतान नहीं कर रही है। कंप्यूटर शिक्षकों को मात्र 6128 रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा है। संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह व प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह से मांग की हैं कि कंप्यूटर अध्यापकों के लिए शीघ्र स्थायी नीति बनाई जाए।