सैलानी शिवम ने बताया कि बस में सफर करने पर इतना सुंदर नजारा नहीं दिखता है। 13 साल से ट्रेन में सफर कर रहे हैं और शिमला के लिए आने पर ट्रेन में ही सफर करते हैं। ट्रेन से सुंदर दृश्य दिखाई देते हैं।
बस के मुकाबले ट्रेन का सफर सस्ता
सैलानी नरेश राहिला ने बताया कि ट्रेन में तारादेवी से कालका तक सफर करने पर मात्र 45 रुपये किराया लगा। बस में सफर करते तो 250 और टैक्सी में 600 रुपये तक चुकाने पड़ते।
पहली बार ट्रेन में बैठने का मिला मौका
देवेंद्र कुमार ने बताया कि धरोहर रेलमार्ग पर ट्रेन में सफर करना उनका सपना था। पहली बार ट्रेन में तारादेवी से कालका तक सफर कर रहे हैं। ट्रेन में बैठकर उनकी अधूरी इच्छा पूरी हुई है।
ट्रेन का संचालन शुरू होने से मिली राहत
सत्यपाल लांबा ने बताया कि लंबे समय बाद ट्रेन चलने से काफी राहत मिली है। बताया कि आज उनके शिविर के अंतिम दिन ट्रेनों की आवाजाही शुरू हुई। सफर करने के लिए राहत मिली।