पहली बर्फबारी ने ही प्रशासन के साथ-साथ लोक निर्माण विभाग के दावों की पोल खोलकर रख दी। सुबह से लेकर दोपहर करीब एक बजे तक बर्फबारी के कारण शहर की सड़कें जाम हो गईं। दोपहर दो बजे के बाद सर्कुलर रोड पर ट्रैफिक सरकता नजर आया। छोटी गाड़ियां ही चलती हुई नजर आईं।
लोक निर्माण विभाग ने बर्फबारी रुकने पर शहर के सर्कुलर रोड पर अपने मजदूर और मशीनों को लगकर बर्फ हटाने काम शुरू किया। दोपहर दो बजे तक सर्कुलर रोड पर वाया लक्कड़ बाजार तथा वाया छोटा शिमला ट्रैफिक लगभग बंद रहा। ओल्ड बस स्टैंड के लिए भी घणाहट्टी की ओर से चक्कर होकर बसें पहुंची।
बालुगंज सड़क से करीब दो बजे तक ट्रैफिक बाधित रहा। लगातार हो रही बर्फबारी के बीच लोगों को सुबह ओल्ड बस अड्डे से लेकर छोटा शिमला तक पैदल ही सफर करना पड़ा। पानी और बर्फ से भरी सड़कों पर लोगों का चलना तक मुश्किल हो गया।
उधर, ढली से मशोबरा की ओर सुबह से ही ट्रैफिक बंद रहा। दोपहर बाद करीब ढाई बजे इस सड़क को खोलने के लिए मशीने लगाई गई। उधर, सर्कुलर रोड पर भी लोक निर्माण विभाग ने दो जेसीबी, दो रोबोट और एक एमबी ट्रेक के साथ सौ के करीब मजदूरों को लगाकर सड़क को खोलने का कार्य किया।
तारें टूटने से दिक्कत : शर्मा
अधिशासी अभियंता विषेश्वर शर्मा का कहना है कि बर्फ के कारण पेड़ों की टहनियां गिरने से बिजली की तारें टूट गई थी, जिस कारण यह समस्या आई।
दिन भर बिजली की आंख मिचौनी
शहर में हिमपात के बाद बिजली बोर्ड के दावों की भी पोल खुल गई। दिन भर बिजली की आंख मिचौनी जारी रही। हर कोई बोर्ड को कोसता रहा। लोग ठंड से ठिठुरते रहे। भारी बर्फबारी के चलते पेड़ों की टहनियां टूट कर तारों पर आ गिरी। इस कारण बिजली बार-बार बाधित होती रही। शहर भर में ही सारा दिन रुक-रुक कर बिजली के आने और जाने का क्रम जारी रही।
भट्ठाकुफर में सुबह से बत्ती गुल
भट्ठाकुफर के एलआर चंदेल का कहना है कि शनिवार रात से ही लाइट के आने जाने का क्रम जारी था। रविवार सुबह से बिजली पूरी तरह बाधित रही। उन्होंने कहा कि बर्फबारी के चलते बिजली न होने लोग परेशान होते रहे। विद्युत बोर्ड के कर्मचारियों को भी इस समस्या के बारे में बताया गया। वहां से जवाब मिला कर्मचारियों की कमी है।
मजदूरों पर रहा सिटी में सामान ढोने का दारोमदार
शहर में सुबह से हो रही बर्फबारी से बंद रही सड़कों के कारण उपनगरों में बारह बजे तक दूध, ब्रेड, सब्जी की सप्लाई पहुंच पाई। रविवार को आवश्यक सामान को दुकानों तक पहुंचाने का दारोमदार मजदूरों पर ही रहा। जाखू, संजौली, जोधा निवास, लोअर बाजार के साथ ही लक्कड़ बाजार, बेमलोई छोटा शिमला तक की दुकानों में बारह बजे के बाद ही आवश्यक सामग्री पहुंच पाई।
मजदूरों ने हिम्मत जुटा कर दुकानों पर दूध जैसी आवश्यक सामग्री पहुंचाने का काम किया। ओल्ड बस स्टैंड तक दूध की सप्लाई तय समय के मुताबिक पहुंच गई थी, मगर इससे आगे गाड़ियों के बर्फ में फंस जाने के कारण संजौली, छोटा शिमला की ओर गाड़ियों की आवाजाही बंद होने के कारण सामान पहुंचाना मुश्किल हुआ। विकासनगर, पंथाघाटी की तरफ सामान कुछ देरी से पहुंचा।