वीकेंड पर शनिवार को मौसम खुलते ही सैलानियों की आवाजाही बढ़ने से शिमला शहर की सड़कों पर लंबा जाम लग गया। सर्कुलर रोड सहित शहर की अन्य सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं जिसके चलते सैलानियों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। बालूगंज में सड़क धंसने और कच्चीघाटी में टैंकर खराब होने के बाद स्थिति और बिगड़ गई। शनिवार सुबह आफिस ऑवर के दौरान कच्चीघाटी से विक्ट्री टनल तक जाम की स्थिति रही। बड़ी संख्या में बसें जाम में फंसी रहीं जिस कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। ढली-संजौली-छोटा शिमला सड़क पर भी जाम की स्थिति बनी रही। दोपहर 3:00 बजे के बाद बीसीएस से पुराने बस अड्डे की ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। बसों से उतरकर लोगों को पैदल गंतव्यों तक पहुंचना पड़ा। पुलिस अधीक्षक शिमला संजीव कुमार गांधी ने बताया कि शनिवार को वन मिनट ट्रैफिक प्लान दो बजे के बाद लागू किया गया। बालूगंज में सड़क धंसने और जगह-जगह वाहनों के खराब होने से समस्या पेश आई।
पार्किंग पैक, सड़क किनारे खड़ी कर दी गाड़ियां
लिफ्ट के समीप बहुमंजिला पार्किंग, नगर निगम की मैट्रोपोल पार्किंग और पर्यटन विकास निगम की ट्रिपल एच पार्किंग शनिवार दोपहर 2 बजे के बाद पैक हो गईं। इसके बाद सैलानियों ने अपने वाहन सड़क किनारे खड़े कर दिए। इस दौरान लिफ्ट से एक ओर पुराने बस स्टैंड दूसरी और बैम्लोई तक वाहनों की कतारें लग गईं।
90 फीसदी कमरे होटलों में बुक
वीकेंड पर शनिवार को शहर के होटलों में 90 फीसदी कमरे बुक हो गए। शिमला सहित आसपास के क्षेत्रों में भी होटल और होम स्टे में कमरों की बुकिंग में तेजी आई। कुफरी और नारकंडा में भी शनिवार को सैलानियों की आवाजाही में भारी इजाफा हुआ। शिमला होटल एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रिंस कुकरेजा ने बताया कि वीकेंड पर शनिवार को शहर के होटलों में 90 फीसदी तक कमरे बुक हो गए। अगले हफ्ते मौसम साफ रहा तो सैलानियाें की संख्या में और अधिक इजाफा होने की उम्मीद है।
सरताज के क्रेज से बढ़ा वाहनों का रश
शिमला समर फेस्टिवल में शनिवार को सतिंदर सरताज की प्रस्तुति देखने के लिए भारी संख्या में ऊपरी शिमला, शोघी, मशोबरा सहित आसपास के अन्य इलाकों से भारी संख्या में लोग शिमला पहुंचे। शहर में क्षमता से अधिक वाहन पहुंचने के कारण यातायात व्यवस्था पटरी से उतर गई। ढली से छराबड़ा होते हुए कुफरी तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई लोग घंटों जाम में फंसने के बाद आधे रास्ते से लौट गए।