ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे अधिक नुकसान अमर उजाला ब्यूरो शिमला। शिमला-कालका नेशनल हाईवे पर तारादेवी के पास भूस्खलन से वाहनों की आवाजाही कुछ देर के लिए अवरुद्ध रही। इस वजह से मार्ग पर सफर करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग ने मशीनरी भेजकर मार्ग को पहले वनवे बहाल किया और शाम को दोनों ओर वाहनों की आवाजाही शुरू करवाई दी। जिले में 103 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बाधित रही।
नौट्टी खड्ड-ठैला मार्ग पर एक बार फिर पहाड़ी दरकने से वाहनों की आवाजाही अवरुद्ध हो गई है। दोपहर बाद शनिवार को यहां पर भूस्खलन होने से ठैला की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही थम गई। शिमला सर्किल में 53 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद है जबकि 50 सड़कों पर बड़े वाहनों की आवाजाही नहीं हो रही है। शिमला शहर के साथ ही जिले में विभिन्न क्षेत्रों में भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है। लोक निर्माण विभाग सूचना मिलते ही सड़कों की बहाली के कार्य में जुट गया है, लेकिन कई जगहों पर सड़कों के धंसने के कारण बहाली के कार्य में अधिक समय लग रहा है। चौपाल क्षेत्र में सबसे अधिक 34 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बंद है। यहां पर 20 सड़कें बड़े वाहनों की आवाजाही के लिए बंद चल रही हैं। ठियोग क्षेत्र में 6 सड़कें बंद हैं जबकि 10 पर छोटे वाहनों की आवाजाही ही हो पा रही है।