मंडी समिति को आदेश दिए गए हैं कि अधिनियम की अनुपालना सुनिश्चित की जाए, जिससे किसानों और बागवानों का शोषण न हो और उन्हें गैर कानूनी अनावश्यक कटौतियों से बचाया जा सके। मंडी समिति के अधिकारियों की ओर से बताया गया कि दोषी व्यापारियों के विरुद्ध पुलिस में शिकायतें दर्ज की गई हैं।
किसान संघर्ष समिति की ओर से कृषि उपज मंडी समिति शिमला और किन्नौर के समक्ष 22 अप्रैल 2019 को हुए प्रदर्शन में आरोप लगाया गया था कि व्यापारियों और आढ़तियों की ओर से सेब खरीद के 436 लाख रुपये भुगतान नहीं किया गया है।
इस बैठक में अधिकारियों की ओर से बताया गया कि इस बारे में किसानों से 130 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 21 का निपटारा किया जा चुका है और 88 लाख रुपये की धनराशि का भुगतान किसानों और बागवानों को किया जा चुका है। शेष 348 लाख रुपये राशि का भुगतान बकाया है।