हिमाचल के शहरी क्षेत्रों में अब 45 डिग्री या इससे ज्यादा ढलान वाली जमीन पर भवन निर्माण नहीं कर सकेंगे। भूकंप के लिहाज से संवेदनशील जोन में होने के चलते टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने यह व्यवस्था की है। विभाग ने इसको लेकर प्लॉट मालिकों को नोटिस भी जारी किए हैं।
यही नहीं बिल्डरों के लिए भी नियम तय किए हैं। वे 35 डिग्री तक ढलान पर ही कंस्ट्रक्शन कर सकेंगे। टीसीपी के मुताबिक सोलन जिले में बिल्डरों और स्थानीय लोगों ने कम दामों पर 80 से 90 डिग्री ढलान पर जमीनें खरीदी हंै। ऐसे एक दर्जन लोगों को नोटिस जारी कर कंस्ट्रक्शन न करने को कहा है।
शिमला शहर और इससे सटे कोटी गांव में खड़े पहाड़ों पर प्लॉट बिके हैं। हमीरपुर, बिलासपुर और मंडी में भी लोगों ने बिना सोच समझे जमीनें खरीदी हैं। निरीक्षण में यहां 70 से 80 डिग्री ढलान पर प्लॉट हैं। टीसीपी ने इन्हें नोटिस भेजे हैं। टीसीपी के निदेशक संदीप कुमार ने इसकी पुष्टि की है।