फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shimla News: गूगल की गुगली में नहीं उलझेंगे पर्यटक, बंधित मार्ग दर्शाने को पुलिस ने लिखा पत्र

विज्ञापन
विज्ञापन
एक्सकलूसिव
विज्ञापन


सैलानी कई बार गूगल मैप देखकर पहुंच जाते हैं मालरोड, बंधित-प्रतिबंधित मार्गों पर वाहन लाने पर हो पूरी तरह रोक
प्रतिबंधित मार्ग की एक साल की फीस है दस हजार रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। अब देश-विदेश से आने वाले सैलानी गूगल की गलती के कारण रिज और मालरोड समेत शहर के बंधित और प्रतिबंधित मार्गों तक नहीं पहुंचेंगे। शिमला पुलिस ने ऐसे लगातार सामने आ रहे मामलों को देखते हुए गूगल प्रबंधन को पत्र लिखकर गूगल मैप पर शिमला शहर के प्रतिबंधित मार्गों की जानकारी प्रदर्शित करने का आग्रह किया है।
बंधित मार्ग पर वाहन लाने पर दस हजार रुपये का चालान काटा जाता है। पर्यटक गूगल मैप के जरिये इन क्षेत्रों में पहुंचने से बच सकेंगे और उन्हें चालान समेत अन्य परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। शिमला शहर में पैदल चलने वाले लोगों की सुरक्षा और यहां की पहचान को बनाए रखने के लिए कई बंधित और प्रतिबंधित मार्ग चिह्नित किए गए हैं। इसके अलावा मालरोड का कोर एरिया भी है, जहां किसी भी तरह के वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित है। इसके बावजूद देश-विदेश से आने वाले सैलानी आए दिन गलती से इन क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं। इसकी मुख्य वजह यह है कि जब पर्यटक मालरोड, रिज या जाखू जाने के लिए गूगल मैप पर लोकेशन डालते हैं तो उन्हें इन प्रतिबंधित और बंधित मार्गों से होकर जाने का रास्ता दिखाया जाता है। गूगल मैप पर इन मार्गों के वाहनों के लिए बंद होने की जानकारी उपलब्ध नहीं है। हाल ही में ब्रिटेन से आया पर्यटकों का एक समूह भी इसी वजह से मालरोड पहुंच गया था। इसके अलावा हर महीने दो से तीन ऐसे मामले सामने आते हैं, जिनमें बाइक सवार या कार चालक गलती से मालरोड और रिज तक पहुंच जाते हैं। इसे देखते हुए पुलिस ने गूगल मैप संचालित करने वाली गूगल एलएलसी कंपनी के प्रबंधन को पत्र लिखकर इन मार्गों की स्थिति स्पष्ट करने का आग्रह किया है।
विज्ञापन


पुलिस का कहना है कि इससे भविष्य में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकेगा। हाल ही में प्रदेश सरकार ने बंधित और प्रतिबंधित मार्गों को लेकर नियम और सख्त किए हैं। इसके तहत सील्ड रोड के सालाना पास की फीस 10 हजार रुपये, प्रतिबंधित मार्ग के सालाना पास की फीस 5 हजार रुपये, बंधित मार्ग पर एक दिन के पास की फीस 1,000 रुपये और प्रतिबंधित रोड पर एक दिन के पास की फीस 500 रुपये तय की है। इसके साथ ही नियमों के उल्लंघन पर 10 से 15 दिन तक की कैद का भी प्रावधान है।


यह हैं बंधित और प्रतिबंधित मार्ग
छोटा शिमला चौक से शिमला क्लब (मालरोड), लोअर वाइफरकेशन आईजीएमसी से लक्कड़ बाजार, जोधा निवास से रिट्ज, होटल व्हाइट से रिगल सिनेमा, कनेडी हाउस चौक से गॉर्टन कैसल (मालरोड), एसबीआई चौक से सेंट्रल टेलीग्राफ ऑफिस, स्कैंडल प्वाइंट से कालीबाड़ी, यूएस क्लब इंटरजेक्शन से कोंबरमेयर पुल (मालरोड) और ऑकलैंड हाउस स्कूल से होटल व्हाइट मार्ग बंधित मार्ग में शामिल हैं।

प्रतिबंधित मार्गों की श्रेणी में कार्ट रोड से उपायुक्त कार्यालय, संजौली चौक से लोअर वाइफरकेशन आईजीएमसी (लक्कड़ बाजार), फॉरेस्ट लॉज रामचंद्रा चौक से जोधा निवास वाया यूएस क्लब, शैले डे स्कूल से जोधा निवास पार्किंग क्रॉसिंग, मालरोड से हाईकोर्ट, रिगल सिनेमा से जोधा निवास पार्किंग क्रॉसिंग, मालरोड से हाईकोर्ट और रीगल सिनेमा से जोधा निवास वाया उपायुक्त कार्यालय रेजिडेंस-होटल ड्रीम लैंड मार्ग शामिल हैं।
विज्ञापन



कोट
शहर के बंधित और प्रतिबंधित मार्गों पर गूगल मैप का इस्तेमाल करते हुए कई बार सैलानी पहुंच जाते हैं। ऐसा न हो, इसके लिए गूगल प्रबंधन को पत्र लिखकर इन मार्गों के बारे में स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा गया है। अगर ऐसा होता है तो भविष्य में देश-विदेश से आने वाले सैलानियों को इस वजह से परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें