खराब मौसम के बीच रोहतांग होकर सफर कर रहे सैकड़ों यात्री शुक्रवार को बर्फबारी के बीच वहां फंस गए। मनाली प्रशासन ने शनिवार सुबह तक 194 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित जगहों में पहुंचाया।
इनमें 72 लोगों को शुक्रवार रात 12 बजे राहनीनाला से निकाल लिया गया था। इसमें महिलाएं, बच्चे और बाहरी राज्यों के सैलानी भी थे।
गनीमत यह रही कि शनिवार रात को जब बर्फीला तूफान चला तब सभी लोग अपनी गाड़ियों में ही थे और पैदल चलकर रोहतांग लांघने का जोखिम नहीं उठाया।
बर्फीला तूफान में फंस गए वाहन
प्रशासन को जैसे ही रोहतांग में यात्रियों के फंसे होने की सूचना मिली तो उन्होंने तुरंत रेस्क्यू आप्रेशन शुरू कर दिया। उन्हें एक टैक्सी चालक ने यात्री फंसे होने की सूचना दी। यह लोग शुक्रवार सुबह मनाली से लाहौल की तरफ रवाना हुए थे, लेकिन ब्यास नाला के समीप टूरिस्ट वाहनों के कारण करीब 5-6 घंटे के जाम में यह यात्री फंस गए।
देर शाम जाम खुलने के बाद ही कुछ लोग रोहतांग निकले तब तक बर्फबारी शुरू हो चुकी थी। इस दौरान रोहतांग में बर्फीला तूफान चलने के कारण सड़क मार्ग अवरुद्ध होने से वाहन फंस गए। जबकि कुछ वाहन राहनीनाला के समीप अटक गए।
सूचना मिलने पर खुद एसडीएम मनाली विनय धीमान रेस्क्यू टीम के साथ शुक्रवार देर शाम रोहतांग के लिए रवाना हुए। रेस्क्यू टीम ने राहनीनाला से करीब 72 लोगों को सुरक्षित निकाल कर मनाली पहुंचाया।
एसडीएम ने शुरू करवाया रेस्क्यू आप्रेशन
बर्फीले तूफान के कारण शुक्रवार को रेस्क्यू टीम रोहतांग तक नहीं पहुंच सकी। शनिवार सुबह रेस्क्यू आप्रेशन को फिर शुरू किया गया। एसडीएम मनाली विनय धीमान ने बताया कि सूचना मिलते ही मनाली प्रशासन ने रेस्क्यू टीम को रोहतांग की तरफ रवाना किया।
करीब 194 यात्रियों को निकाल कर मनाली पहुंचाया गया। 30 के करीब स्थानीय लोग शुक्रवार को पैदल ही पहुंच गए थे। उधर, रोहतांग में फंसे यात्री किशन, फुंचोग, रजनी, अंजना, दीपक ने बताया कि ब्यास नाला में टूरिस्ट वाहनों के बेतरतीब पार्क करने से करीब 6 घंटे तक वह जाम में फंसे रहे। यही वजह रही कि वह रोहतांग में तूफान के बीच फंस गए।
उन्होंने बताया कि कुछ पर्यटक वाहन बिना अनुमति के रोहतांग दर्रा पहुंच रहे हैं। इधर, रोहतांग में फंसे यात्रियों को रेस्क्यू करने के लिए लाहौल स्पीति के उपायुक्त वीर सिंह ठाकुर भी टीम के साथ रोहतांग पहुंचे हुए थे।