पहाड़ों की रानी शिमला वीकेंड पर सैलानियों से फिर गुलजार हो गई है। हजारों सैलानियों के शिमला पहुंचने से शहर के बाजारों में काफी चहल-पहल रही। रिज और मालरोड पर सैलानियों की सबसे ज्यादा भीड़ रही। उधर, शहर में सैलानियों की भारी संख्या में आमद देखने के बाद कारोबारियों ने बाजार बंद रखने के फैसले पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कारोबारियों का कहना है कि सरकार ने स्थानीय कारोबारियों को तो दुकानें बंद करवाकर घर पर बैठा दिया, लेकिन सैलानियों को बुला लिया।
अब शहर में हजारों सैलानी घूम रहे हैं। यह खरीदारी करना चाहते हैं, लेकिन सरकार ने दुकानें बंद करवा रखी हैं। मालरोड पर ज्यादातर दुकानें बंद है। वीकेंड पर ज्यादातर सैलानी शिमला आते हैं लेकिन यहां के बाजार बंद हैं। मालरोड और लक्कड़ बाजार के कारोबारी जो ज्यादातर पर्यटकों पर निर्भर हैं, उन्हें सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है। इन कारोबारियों ने शिमला व्यापार मंडल से भी शनिवार को इस बारे में बात की। कहा कि कारोबारियों का पक्ष सरकार तक पहुंचाएं। वीकेंड पर बाजार खुलने चाहिए।
कारोबारियों को हो रहा नुकसान : अध्यक्ष
शिमला व्यापार मंडल अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने कहा कि समर टूरिस्ट सीजन में वीकेंड पर कारोबार बढ़ता है, लेकिन इस बार सरकार ने ऐसी बंदिशें लगा रखी हैं कि कारोबारियों को नुकसान हो रहा है। पूछा कि क्या स्थानीय लोगों को घर बिठाकर और सैलानियों को बुलाकर कोरोना नहीं फैलेगा। सैलानी बुला लिए हैं तो दुकानें खोलने की अनुमति देनी चाहिए थी। शहर के होटल कारोबारियों का कहना है कि सैलानियों को शिमला आने के लिए ई-पास अप्रूव करवाने में दिक्कत पेश आ रही है। कई बार दो से तीन दिन बाद पास अप्रूव हो रहे हैं। कुछ होटलों में सैलानियों के ई-पास अप्रूव न होने के कारण सैलानियों को एडवांस बुकिंग रद्द भी करवानी पड़ी है।
वीकेंड पर पैक हुए धर्मशाला-मैक्लोडगंज
कोरोना कर्फ्यू की बंदिशों में छूट मिलने के बीच आए पहले वीकेंड पर धर्मशाला-मैक्लोडगंज में भारी संख्या में पर्यटक पहुंचे हैं। इस दौरान 5000 के करीब गाड़ियां भी जिले की सीमाओं से होते हुए कांगड़ा पहुंची हैं। वहीं होटलों में ऑक्यूपेंसी 50 फीसदी से ऊपर रही। इस दौरान सस्ते होटलों में 60 से 65 फीसदी तक ऑक्यूपेंसी पहुंची, लेकिन महंगे होटलों में यह ऑक्यूपेंसी 30 से 40 फीसदी के करीब ही दर्ज की गई है।
वीकेंड पर सबसे अधिक फायदा होम स्टे चला रहे लोगों को हुआ है, क्योंकि अधिकतर लोग होम स्टे में ही रुके थे। जानकारी के अनुसार वीकेंड पर पर्यटन नगरी धर्मशाला-मैक्लोडगंज में पर्यटकों की खूब भीड़ उमड़ी। इस भीड़ अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि शनिवार को बाहरी राज्यों की 5000 के करीब गाड़ियां बॉर्डर क्रास कर कांगड़ा पहुंची हैं। वहीं, वीकेंड पर पहुुंचे पर्यटकों को दुकानें आदि बंद होने के कारण कुछ परेशानियों का सामना भी करना पड़ा, क्योंकि दुकानें बंद होने के कारण वे खरीदारी तक भी नहीं कर पाए। होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन अपर धर्मशाला के अध्यक्ष अश्वनी बांबा ने बताया कि शनिवार को सस्ते होटलों में काफी रश रहा है, जबकि महंगे होटलों में अभी भी कई कमरे खाली हैं। उन्होंने बताया कि जो पर्यटक धर्मशाला-मैक्लोडगंज पहुंचे हैं, उन्हें कुछ दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा है।