लाहौल-स्पीति घाटी को जोड़ने वाले ग्रांफू-काजा के डोहरनी नाला और छतडू में फंसे सैलानियों को निकालने के लिए पांच घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला। शनिवार रात करीब दो बजे 125 लोगों और करीब 70 पर्यटक वाहनों को सुरक्षित कोकसर पहुंचाया गया। इनमें करीब 30 बाइकर भी शामिल थे।
रेस्क्यू ऑपरेशन में पुलिस, बीआरओ, रोहतांग टनल के वाहन तथा स्थानीय लोग शामिल रहे। स्पीति घाटी के काजा को जोड़ने वाला यह मार्ग डोहरनी और छतडू के पास नाले में जलस्तर बढ़ने से बंद हो गया था। भूस्खलन से सड़क पर मलबा आने के कारण काजा से मनाली और लेह जाने वाले सैलानी घंटों फंसे रहे। केलांग प्रशासन ने इसकी सूचना मिलते ही एसडीएम सन्नी सिंह ने कोकसर में खुले पुलिस सहायता केंद्र को जानकारी दी।
इसके बाद छतडू तथा डोहरनी नाला में फंसे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को रेस्क्यू किया गया। इस ऑपरेशन में पुलिस सहायता केंद्र कोकसर के प्रभारी एएसआई सुखराम, बीआरओ के 94 आरसीसी के ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट कर्नल जयवर्धन पांडे, रोहतांग सुरंग निर्माण के रेस्क्यू वाहनों के अलावा पुलिस कर्मचारी नरेश ठाकुर, दलीप सिंह के साथ स्थानीय लोग शामिल थे।
इस दौरान 125 लोगों को सुरक्षित कोकसर के लिए रेस्क्यू किया गया। फंसे लोगों में 70 से 80 पर्यटक शामिल थे। रविवार सुबह ये लोग अपने घर रवाना हो गए। कुछ पर्यटक लेह तो कुछ मनाली की ओर निकले। रात दो बजे से बंद हुआ ग्रांफू-काजा सड़क को बीआरओ के जवानों ने करीब 13 घंटे बाद रविवार दोपहर करीब डेढ़ यातायात बहाल किया है।
बीआरओ के कमांडर एके अवस्थी ने कहा कि छतडू और डोहरनी नाला के पास सड़क खराब होने तथा सड़क पर आए मलबे को हटाकर सड़क को खोल दिया है। उधर, मनाली-लेह मार्ग में भी जगह-जगह भूस्खलन होने से इस रोड पर सफर करने वाले सैलानियों व आम लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।