हिमाचल प्रदेश पर्यटन विभाग ने दोबारा चुनाव आयोग से प्रदेश में हवाई सेवा विस्तार का मामला लिखित रूप से उठाया है। आयोग ने विभाग से पूछा था कि ऐसे क्या कारण हैं, जो चुनाव आचार संहिता लागू रहते हुुए हवाई सेवा का विस्तार करना जरूरी है। भारतीय निर्वाचन आयोग से पूछे जाने के बाद हिमाचल पर्यटन विभाग ने आयोग से फिर लिखित रूप से यह मामला उठाया है ताकि शीतकालीन पर्यटन सीजन में हवाई सेवा का विस्तार करके लोगों खासकर पर्यटकों को हवाई सेवा उपलब्ध कराई जा सके।
सूत्रों के अनुसार पर्यटन विभाग ने चुनाव आयोग से कहा है कि विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले सरकार और कंपनी ने समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे। उस दौरान चुनाव आचार संहिता भी लागू नहीं थी। इसके अलावा प्रदेश में शीतकालीन पर्यटन सीजन भी आरंभ होने वाला है। ऐसी स्थिति में पर्यटकों की सुविधा के लिए हवाई सेवा का विस्तार करना जरूरी है।
पर्यटन विभाग ने आयोग के ध्यान में यह मामला भी लाया है कि वर्तमान में दिल्ली-शिमला-दिल्ली के लिए कंपनी हवाई सेवा उपलब्ध करा रही है। अब इस हवाई सेवा का विस्तार दिल्ली-शिमला-कुल्लू और कुल्लू-शिमला दिल्ली किया जाना है। इसके अलावा दिल्ली-शिमला धर्मशाला और धर्मशाला-शिमला दिल्ली हवाई सेवा भी उपलब्ध कराई जानी है।
राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी मनीष गर्ग कहते है कि आयोग ने पर्यटन विभाग से जानना चाहा था कि हवाई सेवा का विस्तार चुनाव आचार संहिता के लागू रहते क्यों जरूरी है? पर्यटन विभाग ने यह मामला दोबारा चुनाव आयोग से लिखित रूप से उठाया है। इस संबंध में अभी चुनाव आयोग से फिलहाल कोई जवाब नहीं आया है।