महिंद्रा समूह के चेयरपर्सन आनंद महिंद्रा
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महिंद्रा समूह के चेयरपर्सन आनंद महिंद्रा ने राज्यों के पर्यटन मंत्रियों के सम्मेलन को ऑनलाइन संबोधित करते हुए कहा कि भारत के पास पर्यटन क्षेत्र में विकास की अथाह संभावनाएं मौजूद हैं। देश में पर्यटन विकास के लिए ‘भारत’ के विचार को बढ़ावा देना होगा। इसके तहत देश की समृद्ध सांस्कृतिक, प्राकृतिक और पारंपरिक खूबियों को दुनिया के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में देश के शहरी क्षेत्रों में बहुत ज्यादा निर्माण कार्य हुए हैं। इस अनियोजित निर्माण का पर्यटन पर भी कहीं न कही विपरीत प्रभाव पड़ता है।
उन्होंने कहा कि गांवों के रूप में भारत के पास एक विशाल पर्यटन संपदा मौजूद है। गांवों को यदि सुनियोजित ढंग से विकसित किया जाए, तो इससे प्रदेश में पर्यटन विकास की नई राहें खुलेंगी। आंनद महिंद्रा ने कहा कि पर्यटन कारोबार को बढ़ावा देने में विदेशी पर्यटकों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। देश में सुरक्षा को माहौल तैयार करने के साथ-साथ यदि ढांचागत सुविधाओं को सुदृढ़ कर लिया जाए, तो इससे पर्यटन कारोबार को तेज रफ्तार मिलेगी। इसके लिए नई राष्ट्रीय पर्यटन नीति में आवश्यक प्रावधान होने चाहिए।
राष्ट्रीय सम्मेलन में दलाईलामा को न बुलाने के सवाल पर असमंजस में पड़े रेड्डी
केंद्रीय पर्यटन मंत्री किशन रेड्डी ने धर्मगुरु दलाईलामा को पर्यटन मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में निमंत्रण देने के मामले को सेंस्टिव इश्यू बताया। धर्मशाला में रविवार को राज्य पर्यटन मंत्रियों का तीन दिवसीय सम्मेलन शुरू हुआ। इससे पहले केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने प्रेस वार्ता की। इसमें अमर उजाला के संवाददाता ने सवाल पूछा कि राष्ट्रीय सम्मेलन के सत्र में सद्गुरु और कपिल देव को आमंत्रित किया गया, लेकिन यहां रह रहे धर्मगुरु दलाईलामा को क्यों निमंत्रण नहीं दिया गया। सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री असमंजस में पड़ गए। उन्होंने कहा कि यह विषय ऐसी प्रेस कांफ्रेंस में नहीं लाना चाहिए। जो नाम आपने लिया है, हम उनके संपर्क में है। कृपा करके इस विषय को छोड़ दीजिए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह दलाईलामा से मिलने के लिए खुद जाने वाले हैं। यह इश्यू थोड़ा सेंस्टिव है।