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मुख्यमंत्री तीन मंत्रियों के साथ आज आएंगे जुब्बल-कोटखाई

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ग्राम स्वराज सम्मेलन में करेंगे शिरकत, उपचुनाव से पहले कर सकते हैं कई घोषणाएं
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शिमला। जुब्बल-कोटखाई ग्राम स्वराज सम्मेलन में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और तीन मंत्री पहुंच रहे हैं। इनमें शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, पंचायतीराज मंत्री वीरेंद्र कंवर और बिजली मंत्री सुखराम चौधरी शामिल हैं। पूर्व बागवानी मंत्री और मुख्य सचेतक रहे नरेंद्र बरागटा के निधन के बाद इस विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव प्रस्तावित हैं। सुरेश भारद्वाज को यहां का चुनाव प्रभारी बनाया गया है। शुक्रवार सुबह 11 बजे खड़ा पत्थर एपीएमसी मैदान में मुख्यमंत्री वहां उपस्थित जनप्रतिनिधियों को संबोधित करेंगे। इस दौरान जयराम उपचुनाव के मद्देनजर कई तरह की लुभावनी घोषणाएं भी कर सकते हैं। यह कार्यक्रम दोपहर दो बजे तक चलेगा। यहां आने वाले लोगों के लिए धाम का भी आयोजन किया जा रहा है। पहले यह सम्मेलन 10 जुलाई को प्रस्तावित था लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निधन के बाद कार्यक्रम को रद्द कर इसे अब 16 जुलाई को रखा है।
भाजपा इस सीट पर फिर से कब्जा करने के लिए सशक्त उम्मीदवार को लेकर सर्वे करवा रही है। नरेंद्र बरागटा के बेटे चेतन बरागटा भी टिकट की दौैड़ में है। कांग्रेस की ओर से पूर्व विधायक रोहित ठाकुर उम्मीदवार हो सकते हैं। भाजपा दिग्गज नेता रहे नरेंद्र बरागटा के नाम पर अपने उम्मीदवार को चुनावी दंगल में उतारेगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री की ओर से शुक्रवार को होने वाली घोषणाओं का सहारा बीजेपी के पास होगा। इसके साथ ही यहां भेजी जा रही मंत्रियों की फौज भाजपा उम्मीदवार को जीत तक कैसे ले जाती है, यह देखना दिलचस्प होगा। वीरभद्र के निधन के बाद जुब्बल-कोटखाई के उपचुनाव में इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है। जिला शिमला ने वरिष्ठ और ताकतवर कांग्रेस नेता खो दिया है यह जुब्बल-कोटखाई उपचुनाव को कितना प्रभावित करता है यह आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा। सम्मेलन के बहाने मुख्यमंत्री यहां बुलाए गए जनप्रतिनिधियों को अप्रोक्ष तौर पर साधने का प्रयास करेगी।
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पंचायतीराज विभाग करवा रहा हैै सम्मेलन
प्रदेश सरकार का दावा है कि स्वर्ण जयंती ग्राम स्वराज सम्मेलन का आयोजन पंचायतीराज विभाग करवा रहा है। इसमें पंचायत प्रधानों, उपप्रधानों, वार्ड सदस्यों, जिप सदस्यों, ब्लॉक समिति के सदस्यों को बुलाया है। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि सम्मेलन का मकसद कृषि, पशुुपालन, बागवानी, स्वास्थ्य सामाजिक न्याय और अधिकारिता व पर्यटन की सरकारी योजनाओं के बारे में जन प्रतिनिधियों को जागरूक किया जा रहा है।
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