हिमाचल प्रदेश के दो मेडिकल और एक डेंटल कॉलेज के प्रोफेसरों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें प्रमोशन के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। प्रदेश सरकार अब टाइम बाउंड प्रमोशन देगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं। इससे प्रदेश के 300 से अधिक मेडिकल फैकल्टी को लाभ मिलेगा।
प्रदेश में अभी तक पद खाली होने की स्थिति में ही मेडिकल और डेंटल कॉलेज के असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसरों को प्रमोशन मिल पाता था। ऐसे में लंबे इंतजार के बाद ही किसी का प्रमोशन संभव हो पाता था। इस कारण प्रोफेसर आईजीएमसी और टांडा मेडिकल कॉलेज को छोड़कर चले जाते थे।
इसको ध्यान में रखते हुए 13 अगस्त 2014 की कैबिनेट बैठक में सरकार ने टाइम बाउंड प्रमोशन को मंजूर कर दिया था। उसी के अनुपालन के क्रम में अब प्रदेश सरकार की ओर से टाइम बाउंड प्रमोशन करने के लिए आदेश जारी कर दिया गया है।
मेडिकल कॉलेजों में
असिस्टेंट प्रोफेसर पांच साल बाद बनेंगे एसोसिएट प्रोफेसर
एसोसिएट प्रोफेसर को चार साल बाद प्रोफेसर बनाया जाएगा
डेंटल कॉलेजों में
लेक्चरर तीन साल बाद असिस्टेंट प्रोफेसर बनेंगे
असिस्टेंट प्रोफेसर पांच साल बाद बनेंगे प्रोफेसर
मेडिकल कॉलेजों में कालेजियम प्रणाली
हिमाचल प्रदेश के दोनों ही मेडिकल कॉलेजों में अब कालेजियम प्रणाली को लागू कर दिया गया है। इससे अब किसी भी विभाग में होने वाले विवाद का निस्तारण एचओडी नहीं बल्कि टॉप के तीन प्रोफेसरों की सहमति से किया जाएगा। इन तीनों की सहमति के बाद ही किसी प्रकार का फैसला लिया जाएगा। लंबे समय से इसकी मांग की जा रही थी, जिसे प्रदेश सरकार ने पूरा कर दिया है।
कैबिनेट के फैसले के बाद डॉक्टरों को टाइम बाउंड प्रमोशन देने के आदेश जारी किए हैं। इससे राज्य के मेडिकल कॉलेज के फैकल्टी को प्रमोशन के लिए पद खाली होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। प्रदेश में तीन और मेडिकल कॉलेज खुलेंगे। ऐसे में उन कॉलेजों के फैकल्टी को भी इसका लाभ मिलेगा।
- कौल सिंह ठाकुर, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री