प्रदेश में पनप रहे नशे के कारोबार को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पहले ही चिंता जता चुके हैं। हाल में हुई मंत्रिमंडल की एक बैठक में उन्होंने कई ठोस निर्देश दिए थे।
इसी क्रम में दो दिन पहले पांच राज्यों के पुलिस अधिकारियों ने बैठक कर नशे के तस्करों पर नकेल कसने की रणनीति तैयार की। प्रदेश पुलिस ने पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर सीमांत जिलों में कांबिंग व छापेमारी शुरू कर दी है।
वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांग्रेस विधायकों के साथ मिलकर मुख्यमंत्री से मुलाकात की और सख्त कार्रवाई करने और कानून को और मजबूत बनाने के लिए मांगपत्र सौंपा था।
पंजाब में सख्ती के बाद पिछले दो साल में हिमाचल में सिंथेटिक ड्रग की खपत में 32 गुना इजाफा हुआ है। जुलाई तक हिमाचल पुलिस ने करीब 8 किलो से ज्यादा चिट्टा, हेरोइन, ब्राउन शुगर जैसा सिंथेटिक ड्रग पकड़ा है।
2016 में यह मात्र ढाई सौ ग्राम था और 2017 में करीब ढाई किलो की रिकवरी की गई थी। टैबलेट और सिरप की मात्रा 2017 में 20 हजार से बढ़कर 2018 में पचास हजार से ज्यादा पहुंच गई।
पिछले छह महीने में पुलिस ने 250 किलो चरस भी बरामद की। पुलिस ने 2018 में अब तक 835 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें 18 महिलाएं और 30 विदेशी नागरिक शामिल हैं।