दलाईलामा ने कहा कि चीन ने तिब्बत को नुकसान पहुंचाकर तिब्बत का दमन किया है, लेकिन वास्तव में बेचारा चीन भी क्लेशों के अधीन है। चीन के लोग परेशान हैं। वे लोग सुख चाहते हैं, लेकिन उनके अपने वश में कुछ नहीं है।
तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा ने कहा कि चीन ने तिब्बत को नुकसान पहुंचाकर तिब्बत का दमन किया है, लेकिन वास्तव में बेचारा चीन भी क्लेशों के अधीन है। चीन के लोग परेशान हैं। वे लोग सुख चाहते हैं, लेकिन उनके अपने वश में कुछ नहीं है। इससे क्रोधित होकर वे तिब्बत के लोगों को नुकसान पहुंचाते हैं। मैक्लोडगंज के बौद्ध मंदिर में आयोजित दीक्षा के दौरान दलाईलामा ने कहा कि मनुष्य के जीवन में दुखों के उत्पन्न होने का कारण गलत विकल्प को चुनना है। मनुष्य अपने जीवन में गलत कर्मों और अज्ञानता के पथ पर चलना शुरू कर देता है।
विज्ञापन
इससे उसके जीवन को दुखों का साया घेर लेता है। मनुष्य को दुखों को दूर करने के लिए क्लेशों को नष्ट करना चाहिए। जीवन में दुखों के आने के कारणों की तलाश करनी चाहिए और उन्हें दूर करने का प्रयत्न करना चाहिए। जैसे ही मनुष्य इन कारणों की तलाश कर क्लेशों को नष्ट करेगा तो जीवन में परिवर्तन के साथ सुख की प्राप्ति होना शुरू हो जाएगी।