उन्होंने सरकार से वहां पर फंसे अन्य 10 युवकों को जल्द वापस लाने का आग्रह किया है। गौरतलब है कि मंडी जिले के तीन एजेंटों ने हिमाचल के 13 और पंजाब के एक युवक को टूरिस्ट वीजा लगा कर सऊदी अरब भेजा था और आगे का वीजा कंपनी मालिक द्वारा बनवाने की बात कही थी।
जब तीन महीने बाद सभी 14 युवकों का टूरिस्ट वीजा खत्म हुआ तो कंपनी मालिक ने उनका आगे का वीजा नहीं बनवाया।सऊदी की पुलिस ने वीजा खत्म होने पर 14 भारतीयों को हिरासत में लिया था, लेकिन जब युवकों के परिजनों को उनके
फंसे होने की सूचना मिली तो उन्होंने तीनो एजेंट के खिलाफ सुंदरनगर थाने में धारा 420 के तहत धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाया और मामले को विधायक राकेश जम्वाल के माध्यम से प्रदेश सरकार और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज तक पहुंचाया।
मुख्यमंत्री से हुई बात के बाद मामले का संज्ञान लेते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सभी 14 भारतीयों को वापस लाने के प्रयास तेज किए और तीन दिन के भीतर ही पंजाब के एक युवक की रिहाई करवाई। इसके बाद अब तीन और युवकों की रिहाई हुई है।