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Shimla News: छात्राओं के यौन उत्पीड़न मामले में तीन साल का कठोर कारावास

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न्यायाधीश विवेक शर्मा की अदालत ने सुनवाई सजा, 10 हजार रुपये जुर्माना भी देना होगा
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पीड़ितों को 25-25 हजार रुपये मुआवजा मिलेगा
चौपाल थाना में 19 जून 2024 को दर्ज हुआ था मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। स्कूली छात्राओं के यौन उत्पीड़न मामले में अदालत ने बुधवार को चौपाल निवासी सत्य प्रकाश को 3 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी को 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जुर्माना न भरने पर एक महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। साथ ही अदालत ने तीन पीड़ितों को उनके पुनर्वास के लिए मुआवजे के रूप में 25-25 हजार रुपये देने की सिफारिश की है। विशेष न्यायाधीश (पोक्सो) विवेक शर्मा ने सरकार बनाम सत्य प्रकाश मामले में दोषी को यह सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष का प्रतिनिधित्व उपजिला न्यायवादी संगीता जस्टा ने किया। अभियोजन पक्ष के मुताबिक दोषी स्कूल के सटे अपने घर के भूतल पर एक दुकान चलाता था। आरोप लगे थे कि 15 जून 2024 को सुबह की सभा से पहले कक्षा 10वीं और 11वीं की तीन छात्राओं ने अंग्रेजी शिक्षिका और स्कूल की यौन उत्पीड़न विरोधी समिति की अध्यक्ष को बताया कि दोषी ने उन्हें अनुचित तरीके से छुआ। इसके बाद स्कूल में पूछताछ के दौरान 8 अन्य छात्राएं (कक्षा 7वीं से 11वीं तक) ने भी छेड़छाड़ की शिकायत की जब वह कुछ सामान खरीदने उसकी दुकान पर गईं थीं। इसके बाद प्रधानाचार्य को सूचित किया। इसे लेकर 18 और 19 जून 2024 को एसएमसी की बैठकें हुईं। इसके बाद 19 जून 2024 को पुलिस को शिकायत दी गई। पुलिस ने आईपीसी की धारा 354 ए, 506 और पोक्सो अधिनियम की धारा 8 के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
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मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने इस मामले को साबित करने के लिए 24 गवाहों की जांच की। मुकदमे के समापन पर दलीलें सुनने के विशेष न्यायाधीश की अदालत ने आरोपी को उपरोक्त कथित अपराध के लिए दोषी ठहराया। अदालत ने स्पष्ट किया है कि मुआवजे की राशि पीड़ितों के पक्ष में किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में एफडीआर के रूप में जमा की जाएगी जो उनके वयस्क होने पर उनके पक्ष में जारी होगी। जांच के मुताबिक दोषी पहले भी हत्या और हत्या के प्रयास के मामले में दोषी करार दिया जा चुका है और आजीवन कारावास की सजा काट चुका है।
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