हिमाचल में चंबा, हमीरपुर और नाहन में अगले तीन साल के भीतर तीन मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार हो जाएंगे। इन्हें बनाने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 189 करोड़ रुपये की रकम जारी कर दी है।
ट्रिपल एच में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने दी। इस दौरान ठाकुर ने डेढ़ साल की उपलब्धियों को मीडिया के सामने रखा। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधा को पटरी पर लाने के लिए सरकार ने पूरी ताकत झोंक दी है।
कौल सिंह ठाकुर ने बताया कि प्रदेश में दो नए कैंसर केयर यूनिट खोली जाएगी, जिसमें से एक आईजीएमसी में और दूसरी जोनल अस्पताल मंडी में। हालांकि आईजीएमसी में पहले से ही एक यूनिट है, लेकिन एक नया ब्लाक खोला जाएगा। इसके लिए केंद्र की ओर से 90 करोड़ रुपये की रकम दी जा चुकी है।
तीनों मेडिकल कॉलेजों के लिए सरकार ने जमीन का चयन कर लिया है। केएनएच शिमला और जोनल अस्पताल मंडी में 100-100 बिस्तर के दो मदर एवं चाइल्ड हास्पिटल बनाने की तैयारी है। केंद्र ने इसके लिए भी 20-20 करोड़ रुपये जारी कर दी है। 89 डिलीवरी प्वाइंट और जिला स्तर पर 13 स्पेशल न्यू बर्न केयर यूनिट बनाई जा रही है।
प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत टांडा मेडिकल कॉलेज को 150 करोड़ की रकम मिल चुकी है। जबकि, आईजीएमसी के लिए 120 करोड़ की मांग की गई है। 10 मोबाइल डायग्नोस्टिक सेंटर बनाए जा रहे हैं, जिसकी मदद से ग्रामीणों के स्वास्थ्य का इलाज किया जाए।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि तीन माह के भीतर आशा हेल्थ वर्कर की नियुक्ति करने के आदेश जारी किए हैं। स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने बताया कि प्रदेश के जनजाति क्षेत्रों में चालू वित्तीय वर्ष में 50 स्वास्थ्य कैंप का आयोजन किया जाएगा। जबकि प्रदेश में नशा मुक्ति के 14 केंद्र स्थापित किये जा चुके हैं, जिसके माध्यम से लोगों को नशे की लत छुड़ाने की कोशिश की जा रही है।
सोलन मेडिकल कॉलेज पर होगी कार्रवाई
एक सवाल के जवाब में कौल सिंह ने कहा कि सोलन स्थित एमएम मेडिकल कॉलेज के खिलाफ हर हाल में कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कॉलेज प्रबंधन को हर हाल में एचपीयू से संबद्धता लेनी पड़ेगी। इसको लेकर केंद्र सरकार को भी पत्र भेजा जा चुका है। अगर कालेज प्रबंधन ने अड़ियल रवैया अपनाया तो संबद्धता भी निरस्त किया जा सकता है।