हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश धर्मचंद चौधरी ने बुधवार को हमीरपुर में कहा कि प्रदेश में नए कोर्ट खोलने के लिए प्रदेश सरकार से मामला उठाया गया है। दो अक्तूबर से प्रदेश में तीन नए कोर्ट केवल महिलाओं की सुविधा के लिए खोले जा रहे हैं। जहां पर महिला उत्पीड़न से संबंधित मामलों का ही निपटारा किया जाएगा। लोगों का न्याय प्रणाली में अधिक विश्वास बना रहे, इसके लिए वे प्रयासरत हैं।
कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश और मुख्य संरक्षक एवं कार्यकारी अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश विधिक सेवाएं प्राधिकरण धर्मचंद चौधरी ने बुधवार को ग्राम पंचायत दड़ूही के गांव मटाहणी में तीन करोड़ पांच लाख की लागत से नवनिर्मित पांच मंजिला एडीआर केंद्र का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि एडीआर केंद्रों के निर्माण का मुख्य उद्देश्य लोगों को त्वरित और सस्ता न्याय दिलाना है।
इस केंद्र की सुविधा से अब लोगों के विभिन्न तरह के मामलों को मध्यस्तता से निपटाने की सुविधा मिलेगी। इससे पहले जिला हमीरपुर में यह सुविधा नहीं थी। प्रदेश में इस वर्ष कुल 1086 विभिन्न प्रकार के मामले एडीआर में प्राप्त हुए, जिनमें से 181 का निपटारा किया गया। हिमाचल प्रदेश में 11 एडीआर केंद्रों का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें से सात केंद्र बनाए जा चुके हैं तथा चार अन्य केंद्रों का निर्माण किया जाएगा।
इस अवसर पर वीरेंद्र सिंह रजिस्ट्रार जनरल हिमाचल उच्च न्यायालय, यशवंत सिंह चोगल प्रधान सचिव कानून, प्रेम पाल रांटा सदस्य सचिव राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश कैंथला तथा जिला बार एसोसिएशन के प्रधान नरेश जसवाल ने विधिक सेवाएं प्राधिकरण के अंतर्गत विभिन्न कानूनी पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी।