दिल्ली में बैठे उनके रिश्तेदार अमित को भी विदेश मंत्रालय का कोई अधिकारी ढंग से पूरी बात नहीं बता रहा है। न ही सुषमा स्वराज से मिलने के लिए समय दिया जा रहा है। उन्हें चिंता सता रही है कि इराक के मोसुल की तरह उनके बच्चों से भी कुछ अनहोनी न सुनने को मिले।
सुशील के पिता का कहना है कि सरकार समुद्री लुटेरों को दिया जाना वाला पैसा कहां और कब देना है बताए तो वह बच्चों को पैसा भी पहुंचा देंगे।
बता दें कि नाइजीरिया में समुद्री लुटेरों ने हिमाचल के तीन युवकों का दो माह पहले अपहरण कर लिया था। 9 दिन पहले सुशील के घर पर लुटेरों ने फोन कर पैसा न देने पर जान से मारने की धमकी दी थी।