पूर्व भाजपा सरकार के समय में क्रिकेट एसोसिएशन को लीज पर देते हुए भूमि का भू-उपयोग बदलने को मंजूरी दी। वर्ष 2012 में सत्ता में आने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र ने मंजूरी को नियमों के खिलाफ पाया।
पूर्व आईएएस दीपक सानन पर आरोप लगा कि कैबिनेट की मंजूरी के बगैर ही लैंड यूज बदलने की फाइल पर स्वीकृति दे दी। मामले में पूर्व सरकार ने इन्हें चार्जशीट भी किया, जिसे बाद में वापस ले लिया था।
आईएएस अजय शर्मा निदेशक खेल के पद पर तैनात थे, जिसके चलते तत्कालीन सरकार ने उनके खिलाफ मामला चलाने के आदेश दिए।